इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान  ने कहा कि भारत हमेशा वैश्विक एकता, शांति और सहयोग का पक्षधर रहा है। भारत का दृष्टिकोण युद्ध नहीं, शांति; संघर्ष नहीं, समन्वय पर आधारित है, जो वैश्विक कृषि साझेदारी के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत बन सकता है।

 

उन्होंने कहा कि यह संवाद विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के सामने मौजूद चुनौतियों—जैसे जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव और बाजार की अनिश्चितता—का सामूहिक समाधान खोजने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि छोटे किसान मजबूत होंगे, तो दुनिया की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत रहेगी। हमारा जोर भी छोटे किसानों को सशक्त बनाने पर है।

 

भारत की कृषि उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री चौहान ने बताया कि पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र में लगभग 4.5 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। देश का कुल खाद्य उत्पादन बढ़कर लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच गया है। गेहूं उत्पादन 118 मिलियन टन के करीब पहुंच गया है, जबकि बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक हो गया है। मछली उत्पादन भी बढ़कर 19 मिलियन टन से अधिक हो चुका है।

 

भारत में लगभग 43 प्रतिशत कार्यबल कृषि से जुड़ा है और यह क्षेत्र न केवल खाद्य सुरक्षा, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका का भी आधार है। किसानों के लिए रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग तथा मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना आवश्यक है।

 

युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कृषि में नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जिससे कृषि क्षेत्र अधिक आकर्षक और आधुनिक बन रहा है।


 

उन्होंने ब्रिक्स देशों से अपील की कि सभी मिलकर छोटे किसानों को सशक्त बनाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और सतत कृषि विकास के लिए सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संवाद अनुभवों के आदान-प्रदान और नीतिगत सहयोग के माध्यम से वैश्विक कृषि को नई दिशा देगा।

इंदौर में ब्रिक्स वाटिका बनी

ब्रिक्स सम्मेलन को यादगार बनाने के लिए शहर के मेघदूत गार्डन  में दस हजार वर्गफीट क्षेत्र में ब्रिक्स वाटिका नगर निगम द्वारा तैयार की गई है, जिसमें नीम, आंवला, कदम और पीपल जैसे फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शनिवार सुबह 34 पौधे लगाएंगे।इस सम्मेलन के बहाने मेघदूत गार्डन को भी संवारा गया है। उद्यान की टाइल्स बदली गई हैं, फव्वारों की मरम्मत की गई है तथा रंग-रोगन का कार्य भी कराया गया है।



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