दशरथ माहौर की एलजी की वाशिंग मशीन खराब हो गई थी। मशीन की मरम्मत कराने के लिए उन्होंने 7 फरवरी को गूगल पर कंपनी के कस्टमर केयर नंबर की तलाश की। …और पढ़ें

HighLights
- ग्वालियर में बड़ी साइबर ठगी
- वॉशिंग मशीन को ठीक कराने गूगल पर खोजा नंबर
- ठग ने पहले शिकायत दर्ज की फिर भेज दी APK फाइल
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। खराब वाशिंग मशीन को ठीक कराने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पहले शिकायत दर्ज कराने का झांसा दिया और फिर एक एपीके फाइल भेजकर उसका मोबाइल हैक कर लिया।
इसके बाद ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते से करीब 4.15 लाख रुपये निकाल लिए। मामले की शिकायत पर थाटीपुर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
1 रुपये के भुगतान से शुरू हुआ खेल
जानकारी के अनुसार अशोक कालोनी, थाटीपुर निवासी दशरथ माहौर (38 वर्ष) की एलजी कंपनी की वाशिंग मशीन खराब हो गई थी। मशीन की मरम्मत कराने के लिए उन्होंने 7 फरवरी को गूगल पर कंपनी के कस्टमर केयर नंबर की तलाश की। इंटरनेट पर उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला, जिस पर उन्होंने संपर्क किया। फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया और शिकायत दर्ज कराने के लिए एक रुपये का आनलाइन भुगतान करने की बात कही।
फाइल खोलते ही खाली हुआ बैंक खाता
आरोपी ने फोन-पे के माध्यम से एक रिक्वेस्ट भेजी और कहा कि शिकायत दर्ज करने के लिए केवल एक रुपये जमा करना होगा। दशरथ माहौर ने उसके बताए अनुसार भुगतान कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक एपीके फाइल भेजी गई। आरोपित ने फाइल डाउनलोड कर ओपन करने के लिए कहा। जैसे ही पीड़ित ने फाइल डाउनलोड कर उसे खोला, उनका मोबाइल फोन साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया।
दो दिनों में खाते से पार कर दी लाखों की रकम
पीड़ित ने बताया कि फाइल डाउनलोड करने के बाद उनके खाते से अलग-अलग किस्तों में रकम कटने लगी। मोबाइल पर आए बैंक मैसेज देखने के बाद उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। जांच करने पर पता चला कि साइबर अपराधियों ने दो दिनों के भीतर उनके खाते से चार लाख 15 हजार रुपये से अधिक की राशि निकाल ली है।
साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
ठगी का पता चलते ही दशरथ माहौर ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में थाटीपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
