छात्रा अनामिका रावत ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। …और पढ़ें

HighLights
- रिजल्ट देख डिप्रेशन में छात्रा
- री-टोटलिंग में बढ़े 60 नंबर
- दोषियों पर कार्रवाई की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर की एक 12वीं कक्षा की छात्रा को एमपी बोर्ड में अंग्रेजी की पेपर में महज 11 नंबर देकर फेल कर दिया। परिणाम सामने आते ही छात्रा मानसिक रूप से टूट गई, उसने लोगों से मिलना-जुलना बंद कर दिया, खाना छोड़ दिया और उसकी स्थिति इतनी बिगड़ गई कि अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद छात्रा ने दो बार री-टोटिलिंग का आवेदन दिया। अंत में बोर्ड की लापरवाही सामने आई। असल में छात्रा के अंग्रेजी में 11 नहीं 71 अंक आए थे। अब स्वजन बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जनकगंज क्षेत्र के गोल पहाड़िया निवासी अनामिका रावत ने 12वीं बोर्ड परीक्षा पूरे आत्मविश्वास के साथ दी थी। 15 अप्रैल को घोषित परिणाम में अंग्रेजी विषय में मात्र 11 अंक दर्शाए गए। परिवार और शिक्षकों को इस परिणाम पर भरोसा नहीं हुआ, क्योंकि अनामिका पढ़ाई में हमेशा बेहतर प्रदर्शन करती रही थी।
परिवार ने री-टोटलिंग के लिए आवेदन किया। शुरुआत में कोई बदलाव नहीं बताया गया, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद 29 मई को उत्तरपुस्तिका की दोबारा जांच हुई। तब खुलासा हुआ कि छात्रा को अंग्रेजी में वास्तव में 71 अंक मिले थे। यानी बोर्ड की त्रुटि के कारण 60 अंक कम दर्ज कर दिए गए थे।
मानसिक तनाव में आई छात्रा
अनामिका और उसके स्वजन का कहना है कि इस गलती ने पूरे परिवार को मानसिक तनाव में डाल दिया। छात्रा ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन और परिणाम प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
