उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और इंदौर जंक्शन पर बढ़ने वाले दबाव को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।

नई बिल्डिंग तैयार, जल्द हटेगी पुरानी संरचना

लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की नई भवन संरचना लगभग तैयार हो चुकी है। रेलवे विभागों को जल्द ही नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद आगामी चार दिनों के भीतर स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग को हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। पुरानी संरचना की जगह नए प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे, जिससे स्टेशन की यात्री क्षमता और परिचालन व्यवस्था में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

अगस्त तक पूरा होगा पुनर्विकास कार्य

पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार स्टेशन के नए भवन, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक से संबंधित अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अगस्त तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके बाद स्टेशन पूरी तरह आधुनिक स्वरूप में यात्रियों की सेवा के लिए तैयार होगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा स्टेशन

पुनर्विकास के बाद लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म और दो अतिरिक्त रेलवे ट्रैक उपलब्ध होंगे, जिससे ट्रेनों के संचालन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 36 फीट चौड़ा फुटओवर ब्रिज तैयार किया जा रहा है, जिससे प्लेटफॉर्म के बीच आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और अन्य यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन आधुनिक लिफ्ट भी स्थापित की जा रही हैं। स्टेशन परिसर में बेहतर पार्किंग व्यवस्था, आधुनिक प्रतीक्षालय और अन्य यात्री सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन को 26 कोच वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव के अनुरूप भी तैयार किया जा रहा है।

सिंहस्थ-2028 में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

सिंहस्थ-2028 के दौरान लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब के रूप में उभरेगा। रेलवे का उद्देश्य इंदौर जंक्शन पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करना और उज्जैन पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को वैकल्पिक और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है। उज्जैन से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्टेशन सिंहस्थ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार की भूमिका निभाएगा। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को उज्जैन तक पहुंचाने की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।



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आसपास के क्षेत्रों को भी मिलेगा सीधा लाभ

स्टेशन के विकास का लाभ केवल सिंहस्थ यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। बाणगंगा, नंदानगर, सुखलिया, विजय नगर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। इन इलाकों के यात्रियों को मुख्य रेलवे स्टेशन तक जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे समय की बचत के साथ-साथ शहर के ट्रैफिक दबाव में भी कमी आने की संभावना है।

इंदौर मुख्य स्टेशन का भी जारी है पुनर्निर्माण

इंदौर के मुख्य रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। रेलवे की भविष्य की योजना के तहत मुख्य स्टेशन से संचालित होने वाली कई ट्रेनों का संचालन लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से भी किया जाएगा। इससे दोनों स्टेशनों के बीच यात्री भार और ट्रेन संचालन का संतुलन बेहतर तरीके से स्थापित किया जा सकेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन न केवल इंदौर बल्कि सिंहस्थ-2028 के लिए भी एक महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र के रूप में स्थापित होगा।



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