बीडीएस अधिकारी रमेश अकाड़िया की अगुवाई में टीम ने वाहनों, दुकानों, ठेलों और संदिग्ध सामान की बारीकी से तलाशी ली। अचानक हुई इस कार्रवाई से शहरवासी चौंक गए। बाजार में अफवाहों का दौर शुरू हो गया। शहर में चर्चा है कि टावर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। कुछ लोग पाकिस्तान के नंबर से धमकी या मेल आने की बात कह रहे हैं तो कुछ और भी अलग बात कर रहे है हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। एहतियात के तौर पर सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि शहर की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए रुटीन चेकिंग के साथ सतर्कता बरती जा रही है।
अचानक हुई चेकिंग से चौंक गए शहरवासी
शाम को पुलिस तुरंत एक्टिव मोड में आ गई।एहतियात के तौर पर बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की टीम ने मौके पर पहुंचकर संवेदनशील इलाकों में सघन सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है। अचानक हुई चेकिंग से शहरवासी चौंक गए।
जानिए क्या है बीडीएस?
• बम, विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की पहचान और उसे निष्क्रिय करने वाली स्पेशल पुलिस टीम।
• टीम में बम सूट, स्कैनर, स्निफर डॉग और रोबोट जैसे आधुनिक उपकरण होते हैं।
• धमकी मिलने पर सबसे पहले BDS को ही मौके पर बुलाया जाता है।
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क्यों संवेदनशील है टॉवर चौक?
• उज्जैन का सबसे व्यस्त कमर्शियल एरिया, हमेशा भीड़ रहती है।
• रेलवे स्टेशन और महाकाल मंदिर के रास्ते में आता है
• पहले भी धमकी भरे कॉल आ चुके हैं, इसलिए पुलिस की पहली प्राथमिकता।
धमकी मिलने पर पुलिस का प्रोटोकॉल
1. तुरंत BDS + डॉग स्क्वॉड मौके पर
2. संवेदनशील जगह खाली कराना
3. CCTV फुटेज खंगालना
4. साइबर सेल से कॉल/मेल ट्रेस करना
5. जब तक क्लीयरेंस न मिले, सर्च ऑपरेशन जारी
