भोपाल के प्रतिष्ठित होटल डीलीजेंट होटल कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड (कोर्टयार्ड बाय मैरियट) पर खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ गई। होटल में चूहों की मौजूदगी की शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय और राज्य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने डीबी सिटी स्थित होटल परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर खामियां सामने आने पर होटल की खाद्य व्यवसाय गतिविधियों और उसके केंद्रीय फूड लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
किचन और स्टोर में मिले चूहे, रिकॉर्ड ने भी की पुष्टि
निरीक्षण के दौरान होटल के किचन और स्टोर एरिया में चूहों की मौजूदगी पाई गई। पेस्ट कंट्रोल से जुड़े दस्तावेजों की जांच में भी परिसर में लगातार चूहों की समस्या होने की पुष्टि हुई। टीम ने इसे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना।
रसोई में गंदगी, खाने के भंडारण में भी लापरवाही
जांच के दौरान होटल की विभिन्न रसोइयों में स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को बिना किसी उचित पृथक्करण के एक साथ रखा गया था। अधिकारियों ने पाया कि खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाने के लिए आवश्यक भंडारण व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं थी।
नियमों को भी किया नजरअंदाज
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि होटल में उपयोग किए जा रहे शुगर सैशे एक ऐसी तृतीय-पक्ष इकाई से लिए जा रहे थे, जिन्हें खाद्य व्यवसाय संचालक द्वारा विधिवत अनुमोदित नहीं किया गया था। साथ ही खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (एफएसएमएस) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम-2011 की अनुसूची-4 के प्रावधानों का पर्याप्त पालन नहीं पाया गया।
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केंद्रीय अधिकारियों ने लिया बड़ा फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ( एफएसएसएआई) के केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर होटल का केंद्रीय फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। होटल का लाइसेंस केंद्रीय श्रेणी का होने के कारण कार्रवाई भी सीधे केंद्रीय स्तर से की गई।
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स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
