इस बार देश में मानसून की एंट्री लेट हो गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं की स्थिति बनी हुई है। इसी मौसमी सिस्टम के चलते मानसून केरलम तट से महज 30-35 किलोमीटर दूर पिछले 5 दिनों से अटका हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों तक इसके आगे बढ़ने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। आमतौर पर केरलम के तट पर मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। इससे पहले मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में 26 मई तक ही मानसून के आने का अनुमान जताया था। हालांकि अब बदले हुए ताजा अनुमान के मुताबिक यह अपने तय समय से करीब 7 दिन की देरी के बाद 4 जून को केरल तट पर दस्तक देगा। वहीं मौसम विभाग के मुताबिक मप्र में आने में इसे 20 से 25 जून तक का समय लगेगा। 

बारिश कमजोर होने से खेती पर संकट

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस साल देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जो कि सामान्य औसत वर्षा से करीब 10 प्रतिशत कम है। विभाग के अनुसार इस साल मानसून के कोर जोन में कम बारिश दर्ज की जाएगी। यह चिंता का विषय इसलिए है क्योंकि इस विशेष इलाके में खेती सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश पर ही निर्भर करती है। सीधे शब्दों में कहें तो बारिश की कमी का सीधा असर फसलों के विकास और खाद्य उत्पादन पर देखने को मिलेगा। इस मानसून कोर जोन के अंतर्गत मध्य प्रदेश के कई बड़े इलाके भी आते हैं, जिसके चलते यहां खेती प्रभावित होने से सीधे तौर पर किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

तेज हवाओं ने रोके नौतपा के तीखे तेवर

इधर इंदौर में इस बार नौतपा शुरू हुए चार दिन का समय बीत चुका है, लेकिन राहत की बात यह है कि तापमान 40-41 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना हुआ है। खास बात यह देखने को मिल रही है कि दोपहर के समय तेज तपिश की वजह से लोग हलाकान और परेशान हैं और ऐसा अहसास होता है कि तापमान 43-44 डिग्री के करीब पहुंच गया है, लेकिन वास्तव में आंकड़ों में ऐसा नहीं है। इस बार पारा अभी तक बहुत ज्यादा ऊपर नहीं गया है, हालांकि तेज धूप और भारी उमस की वजह से लोगों में काफी बेचैनी देखी जा रही है। इस बार नौतपा में गर्मी के तेवर भले ही बहुत ज्यादा तीखे नहीं दिख रहे हैं, लेकिन फिर भी उमस के कारण लोगों को कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है।

दिन और रात के पारे में आंशिक उछाल

गुरुवार को दिन के तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं रात का तापमान पिछले तीन दिनों से लगातार 26 डिग्री पर टिका हुआ है, जो कि सामान्य से 1 डिग्री ज्यादा है। इस तरह देखा जाए तो दिन और रात दोनों का ही तापमान सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। शुक्रवार को भी सुबह से ही आसमान पूरी तरह साफ रहा और जैसे-जैसे तेज धूप चढ़ती गई, वैसे ही उमस का दौर भी शुरू हो गया। स्थानीय मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अभी आने वाले दो-तीन दिनों तक पारा 40-41 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना रहेगा। दोपहर में भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस के कारण आम जनजीवन पर इसका खासा असर बना हुआ है।



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