मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन है। मुख्यमंत्री ने रहीम के प्रसिद्ध दोहे रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून… का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में जल का विशेष महत्व रहा है और बिना जल के जीवन की कल्पना अधूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं।
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मध्य प्रदेश सरकार भी गुड़ी पड़वा से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है। गंगा दशहरा के अवसर पर 25 मई को मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में जल स्रोत पूजन और गंगा कलश यात्रा निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि गंगा दशमी के दिन प्रदेशभर में कुओं, बावड़ियों, तालाबों, नहरों और अन्य जल स्रोतों पर श्रमदान किया जाएगा। इस अभियान में जन अभियान परिषद, ग्राम पंचायतें, सामाजिक संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक संगठन मिलकर जनजागरूकता फैलाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते पर्यावरण और मौसम के कारण आज पानी का महत्व और अधिक बढ़ गया है। मध्य प्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है और यह अभियान प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता को जल संरक्षण से जोड़ने का बड़ा अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जल संरक्षण और जल चेतना के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।
