भोपाल में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला प्रशासन अब बड़े स्तर पर अभियान चलाने जा रहा है। गुरुवार को कलेक्टोरेट में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने साफ निर्देश दिए कि अवैध कॉलोनियों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और लंबित राजस्व प्रकरणों का तय समय सीमा में निराकरण हो। बैठक में कलेक्टर ने भूमि आवंटन, धारणाधिकार, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि तीन माह से अधिक पुराने सीमांकन प्रकरणों का अगले एक महीने में अनिवार्य रूप से समाधान किया जाए। राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
नगर निगम और एसडीएम कार्यालयों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश
कलेक्टर ने कॉलोनी सेल, नगर निगम और एसडीएम कार्यालयों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि वैध और अवैध कॉलोनियों से संबंधित शिकायतों की तथ्यात्मक जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भू-राजस्व, खनिज राजस्व और अन्य शासकीय बकाया की शत-प्रतिशत वसूली पर जोर दिया। बैठक में नक्शा शुद्धिकरण, खसरा-खतौनी में त्रुटि सुधार और भूमि अभिलेखों को अपडेट करने के काम को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जमीन विवादों में कमी लाई जा सके।
शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर नाराजगी
सीएम हेल्पलाइन, आईजीआरएस पोर्टल, जनसुनवाई और अन्य शिकायत प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नागरिकों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता रहे।
सभी एडीएम और एसडीएम को तहसीलदार न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा पारित आदेशों के पालन की निगरानी के निर्देश दिए गए। एक माह के भीतर लंबित आदेशों के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
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मानसून से पहले अतिक्रमण और सुरक्षा जांच पर जोर
आगामी मानसून को देखते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण, फायर सेफ्टी, पटाखा दुकानों और गोदामों के निरीक्षण तेज करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की अनुभाग स्तर पर बैठकें आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा भी की जाएगी। बैठक में एडीएम सुमित कुमार पांडे, प्रकाश नायक, अंकुर मेश्राम, पीसी शाक्य सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
