इंदौर में पिछले दो दिन से दिन के तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन तेज धूप के तीखे तेवरों के कारण आम जनता को भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक भीषण तपन का जनजीवन पर बहुत खास असर देखा जा रहा है। इस तपती दोपहर के दौरान रविवार को भी शहर की प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही और चारों तरफ सन्नाटा पसरा नजर आया।

पारा गिरने से थोड़ी राहत मिली

इससे पहले शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राहत की बात यह है कि दिन का तापमान पूरे 8 दिनों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार सामान्य स्तर पर पहुंचा है, जबकि रात का तापमान अब भी सामान्य से 1 डिग्री अधिक बना हुआ है जिससे रात में भी उमस महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल शहरवासियों को इस चुभती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।

दाऊदी बोहरा समुदाय का बीट द हीट अभियान

इस भीषण गर्मी के बीच शनिवार को दाऊदी बोहरा समुदाय द्वारा सामाजिक सरोकार निभाते हुए शहरभर में बीट द हीट अभियान चलाया गया। इस राहत कार्य के दौरान भीषण धूप में परेशान हो रहे करीब 18 हजार लोगों को ठंडी छाछ का वितरण किया गया। इस पूरे अभियान में 300 से ज्यादा उत्साही वॉलंटियर्स शामिल रहे। शहर के 11 प्रमुख और व्यस्त स्थानों पर यह सेवा दी गई, जिनमें राजवाड़ा चौक, पलासिया, टॉवर चौराहा और राऊ बस स्टैंड जैसे मुख्य मार्ग शामिल रहे।

ठंडाई, फल वितरण और ऐतिहासिक रिकॉर्ड

इसी कड़ी में वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश द्वारा भी राहगीरों के लिए ठंडाई, फल और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शहर के हजारों लोगों ने लाभ लिया। अगर इंदौर में मई महीने के इतिहास पर नजर डालें तो यहां तापमान कई बार 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है। पूर्व के आंकड़ों के मुताबिक 31 मई 1994 को यहां इतिहास का सबसे अधिक 46.6 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज हुआ था।

मई माह में बारिश का पुराना ट्रेंड

इंदौर में मई के महीने में केवल भीषण गर्मी ही नहीं पड़ती, बल्कि मौसम विभाग के अनुसार मौसम बदलने के साथ अक्सर बादल छाने और बौछारें पड़ने का भी रिकॉर्ड रहा है। पिछले साल यानी 2023 के मई महीने में शहर में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इसके अलावा मौसम के पुराने आंकड़ों को देखें तो साल 2014 से 2023 के बीच के साल में कुल 9 बार मई के महीने में अच्छी बारिश दर्ज हुई है जिससे लोगों को तपन से अस्थाई राहत मिली थी।



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