भोपाल में शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जल संरक्षण, धार्मिक पर्यटन, आवास, रोजगार, बायोमैट्रिक उपस्थिति, आईवीएफ सेंटर और तकनीकी शिक्षा जैसे विषयों पर बड़े फैसलों की रूपरेखा तैयार की गई। भोपाल स्थित मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और विभाग चुनौतियों का समाधान सकारात्मक सोच के साथ करें। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड आम आदमी को कम खर्च में आवास उपलब्ध कराने के लिए कार्य करें और विकास प्राधिकरण सभी समाजों के बच्चों के लिए कॉमन हॉस्टल विकसित किए जाएं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही पात्र ग्रामीण परिवारों को मुफ्त पट्टे देने की प्रक्रिया सरल बनाई जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में बेहतर सुविधाएं मिलने से शहरों की ओर पलायन कम होगा।
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नर्मदा मिशन की हर महीने होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने नर्मदा समग्र मिशन से जुड़े सभी कार्यों की समीक्षा हर महीने के पहले सोमवार को करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नर्मदा और अन्य नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करने के लिए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएं, ताकि प्राकृतिक स्वरूप सुरक्षित रह सके।
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पेयजल और जल संरक्षण पर विशेष फोकस
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने “जन्मभूमि से कर्मभूमि तक” अभियान के तहत लोगों को जल संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अमृत-1 और अमृत-2 योजना के तहत पेयजल और सीवरेज प्रबंधन के कार्य तेजी से चल रहे हैं।
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ओंकारेश्वर-ममलेश्वर को विकास प्राधिकरण के रूप में विकसित किया जाएगा
चित्रकूट धाम के समग्र विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। मंदाकिनी नदी में जलधारा को अविरल बनाए रखने की योजना पर भी काम होगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विरासत से विकास के मॉडल पर कार्य किया जा रहा है। ओंकारेश्वर-ममलेश्वर क्षेत्र को विकास प्राधिकरण के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और भविष्य में भीड़ प्रबंधन भी सुचारु रूप से किया जा सके। श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और चित्रकूट धाम से जुड़े विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए।
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धार्मिक स्थलों का प्रबंधन संभालेंगे होमगार्ड
मुख्यमंत्री ने महाकाल महालोक की तर्ज पर प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी होमगार्ड की तैनाती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक स्थलों की व्यवस्था बेहतर होगी और होमगार्ड बल का क्षमता संवर्धन भी होगा।
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प्रदेश में शुरू होंगे IVF सेंटर
निसंतान दंपतियों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आईवीएफ सेंटर शुरू करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी समाजों के बच्चों के लिए कॉमन हॉस्टल संचालित करने की बात कही, ताकि सामाजिक समरसता बढ़ सके।
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किसानों को राहत, कपास पर घटेगा मंडी शुल्क
मुख्यमंत्री ने खंडवा और बुरहानपुर मंडियों में कपास पर मंडी शुल्क 1 रुपये से घटाकर 55 पैसे करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य कपास उत्पादक किसानों को पड़ोसी राज्यों के बराबर प्रतिस्पर्धी सुविधा देना है।
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हर सरकारी दफ्तर में लागू होगी बायोमैट्रिक अटेंडेंस
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में लागू बायोमैट्रिक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी कामकाज में समयबद्धता और जवाबदेही बढ़ेगी। सीएम ने यह भी कहा कि वे स्वयं कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति का निरीक्षण करेंगे।
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आरजीपीवी और मेडिकल यूनिवर्सिटी के तीन हिस्से होंगे
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कंपनियों से अपने परिसरों में युवाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोलने को भी कहा। बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में विभाजित करने और मेडिकल विश्वविद्यालयों के पुनर्गठन पर भी चर्चा हुई।
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सस्ते आवास और एआई सेंटर पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरणों को कम लागत वाले आवास विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एआई सेंटर, डेटा सेंटर और डीप टेक पार्क समय सीमा तय कर विकसित किए जाएं।
