सोने और चांदी की खरीद को लेकर केंद्र सरकार के हालिया फैसलों के बाद सराफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सीमित मात्रा में सोना खरीदने की अपील, वहीं दूसरी ओर सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के फैसले ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। व्यापारियों का कहना है कि इसका सीधा असर बाजार, रोजगार और लाखों परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा।
सराफा व्यापारी सुनील जैन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री की अपील से सहमत हैं। उनका कहना है कि भारत में हर साल बड़ी मात्रा में सोना आयात होता है और इसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। डॉलर की बढ़ती कीमतों का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने ग्राहकों से अपील की कि शादी-ब्याह जैसी जरूरतों तक ही सोना खरीदें और अनावश्यक खरीदारी से बचें।
व्यापारी सिद्धार्थ जैन और लव सोनी ने भी प्रधानमंत्री की अपील को राष्ट्रहित में सही कदम बताया। उनका कहना है कि रुपये की गिरती कीमत को देखते हुए यह फैसला देशहित में जरूरी हो सकता है। हालांकि उन्होंने माना कि इससे सराफा कारोबार और कारीगरों पर असर पड़ेगा, फिर भी राष्ट्रहित सर्वोपरि है।
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सराफा व्यापारी अशोक गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्थायी रूप से सोना खरीदने से मना नहीं किया है, बल्कि फिलहाल संयम बरतने की बात कही है। उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह के लिए लोग खरीदारी करते रहेंगे लेकिन निवेश के उद्देश्य से ज्यादा सोना खरीदने वालों की संख्या अधिक है, जिससे बाजार में तेजी आती है।
प्रधानमंत्री की अपील और बढ़ती कीमतों के बीच अब सराफा बाजार में सुस्ती के संकेत दिखाई देने लगे हैं। कारोबारियों का कहना है कि सोना-चांदी की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही कम हो रही है और लोग खरीदारी टालने लगे हैं।
व्यापारी संतोष भामा ने कहा कि पहले ही सोने की लगातार बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों की जेब पर असर डाला था, अब प्रधानमंत्री की अपील के बाद बाजार और धीमा पड़ने लगा है। उन्होंने कहा कि इस कारोबार से जुड़े छोटे दुकानदारों और कारीगरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
वहीं व्यापारी जयेश सोनी और प्रदीप चौहान का कहना है कि यदि खरीदारी में गिरावट जारी रही तो सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील का असर लोगों की खरीदारी की मानसिकता पर साफ दिखाई देने लगा है और बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं रही।

सराफा बाजार में पसरा सन्नाटा

सराफा बाजार में पसरा सन्नाटा

सराफा बाजार में पसरा सन्नाटा
