उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जायजा लेने अखिल भारतीय खालसा परिषद के अध्यक्ष एवं रामानंद संप्रदाय के प्रमुख संत स्वामी माधवाचार्य महाराज के नेतृत्व में संतों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में देशभर से आए कई संत, महामंडलेश्वर और अखाड़ों के पदाधिकारी शामिल रहे। इस दौरान संतों ने सबसे पहले बाबा महाकाल के दर्शन किए और इसके बाद सिंहस्थ क्षेत्र का भ्रमण कर निर्माण कार्यों तथा प्रशासनिक तैयारियों का निरीक्षण किया।

संत समाज ने व्यवस्थाओं पर जताया संतोष

निरीक्षण के दौरान संत समाज ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर संतोष जताया। संतों ने कहा कि प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं और अधिकांश कार्य संतोषजनक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि संतों ने सिंहस्थ क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर चिंता भी व्यक्त की।

स्वामी माधवाचार्य महाराज ने कहा कि प्रशासन सिंहस्थ की तैयारियों में अच्छा कार्य कर रहा है, लेकिन जिन स्थानों पर खालसों और साधु-संतों के ठहरने की व्यवस्था होनी है, वहां अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो सिंहस्थ के दौरान साधु-संतों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सिंहस्थ क्षेत्र में हो रहे अवैध कब्जों को जल्द हटाया जाए, ताकि अखाड़ों और संतों को पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके।

शिप्रा शुद्धिकरण कार्य की संतों ने की सराहना

तीनों अणी अखाड़ों के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत भक्ति चरण दास महाराज ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियां बड़े स्तर पर चल रही हैं और व्यवस्थाएं देखकर संत समाज को आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि शिप्रा नदी के शुद्धिकरण को लेकर प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है, जो संत समाज के लिए संतोष की बात है। संतों ने कहा कि शिप्रा की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना सिंहस्थ के लिए बेहद जरूरी है और इस दिशा में किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं।

मंगलनाथ क्षेत्र में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

संतों के इस महत्वपूर्ण दौरे में स्थानीय संत भी शामिल हुए। सभी संत मंगलनाथ क्षेत्र पहुंचे और वहां चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। संतों ने 29 किलोमीटर लंबे घाट निर्माण कार्य को देखा। इसके साथ ही मंगलनाथ क्षेत्र में बनाए जा रहे ब्रिज और सड़क चौड़ीकरण कार्य की भी प्रशंसा की। स्वामी माधवाचार्य महाराज ने कहा कि संतों के साथ बैठक कर तैयारियों पर चर्चा की गई है और प्रशासन द्वारा बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की मांग रखी गई है, जिस पर सरकार की ओर से आश्वासन भी दिया गया है।

ये भी पढ़ें-  NCRB रिपोर्ट में खुलासा: पुलिस हिरासत से आरोपी फरार होने में मध्य प्रदेश देश में अव्वल

सिंहस्थ को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को लेकर प्रशासन लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। घाट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, पुल निर्माण और श्रद्धालुओं व संतों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। संत समाज ने उम्मीद जताई कि समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी, ताकि सिंहस्थ आयोजन भव्य और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *