मध्य प्रदेश कांग्रेस ने किसानों की मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी “महाचक्का जाम” आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर हजारों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। आंदोलन का सबसे बड़ा असर ग्वालियर में देखने को मिला, जहां आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई।
ग्वालियर में इस आंदोलन की कमान अशोक सिंह, कमलेश्वर पटेल और संजना जाटव ने संभाली। नेताओं ने किसानों के साथ सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश के किसान लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही। आंदोलन कर रहे किसानों की मुख्य मांग गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की है। किसानों का आरोप है कि वर्तमान समर्थन मूल्य उनकी लागत के मुकाबले बेहद कम है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा खाद की किल्लत, खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्थाएं और कथित धांधली भी किसानों की बड़ी समस्या बनी हुई हैं।
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किसानों ने कहा कि कई केंद्रों पर घंटों इंतजार के बाद भी उनकी उपज की तौल नहीं हो रही, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। महा चक्काजाम का असर केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्वालियर से इंदौर तक करीब 700 किलोमीटर लंबे आगरा-मुंबई हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर ट्रक, बसें और निजी वाहन घंटों फंसे रहे। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास करती रही। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। इस बड़े आंदोलन ने प्रदेश की राजनीति और किसानों के मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
शिवपुरी में घंटों थमा रहा यातायात
पड़ोरा चौराहे पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान एकत्र हुए और सड़क पर डेरा जमा लिया। ‘भाजपा तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारों के साथ कांग्रेसियों ने चक्काजाम कर दिया। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह थम गई और दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ यात्री बसें भी जाम में फंस गईं, जिससे मुसाफिरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व पोहरी विधायक कैलाश कुशवाहा और कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने किया। उनके साथ जिले के कई वरिष्ठ नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, किसान मोर्चा के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। दोपहर करीब 1 बजे कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में पड़ोरा चौराहे पहुंचे और मुख्य सड़क पर बैठ गए। हाथों में तख्तियां और झंडे लिए कांग्रेसियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। चक्काजाम के कारण झांसी-शिवपुरी हाईवे पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। बसों में बैठे यात्री गर्मी में बेहाल दिखे। कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्ते अपनाए। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मानवता दिखाते हुए एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को तुरंत रास्ता दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम और टीआई ने प्रदर्शनकारियों से बात कर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गेहूं खरीदी का भुगतान 7 दिन में किया जाए। फसल बीमा का मुआवजा जल्द दिया जाए। केसीसी ऋण की अवधि बढ़ाई जाए। मंडियों में छाया, पानी, तौल की पुख्ता व्यवस्था हो। 2 बीघा पर 1 कट्टा खाद का नियम खत्म कर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए। सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली दी जाए। करीब दो घंटे बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चक्काजाम समाप्त किया गया। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि किसानों की मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि 15 दिन में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ।
