मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को इंदौर में इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) के पहले चरण का भूमि-पूजन करेंगे। यह परियोजना राज्य में औद्योगिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यह कॉरिडोर इंदौर एयरपोर्ट के पास स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ेगा, जिससे एकीकृत औद्योगिक नेटवर्क तैयार होगा। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से लॉजिस्टिक्स, परिवहन और उद्योगों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 

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परियोजना के तहत लगभग 20.28 किलोमीटर लंबा मार्ग विकसित किया जाएगा और करीब 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में नियोजित विकास होगा। इस पूरी योजना पर लगभग 2360 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कॉरिडोर में 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और दोनों ओर बफर जोन विकसित किया जाएगा, जिससे भविष्य की जरूरतों के अनुसार विस्तार संभव हो सकेगा। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 को भी आपस में जोड़कर औद्योगिक आवागमन को और सुगम बनाएगा। 

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इससे इंदौर क्षेत्र में मौजूद औद्योगिक क्लस्टरों को एकीकृत रूप मिलेगा और निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल उद्योगों को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में संतुलित शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भूमि-पूजन कार्यक्रम के दौरान परियोजना पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई जाएगी, जिसमें कॉरिडोर की संभावनाएं और भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।



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