दौर के प्राचीन बाणेश्वरी कुंड को अब बाणेश्वरी लोक के रूप में विकसित किया जाएगा। दो साल में इसका निर्माण पूरा होगा, ताकि सिंहस्थ से पहले उज्जैन जाने वाले भक्त भी इस लोक को देखने आ सकें। इसे धार्मिक पर्यटन के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। पहले इस लोक का भूमिपूजन मुख्यमंत्री मोहन यादव के हाथों होता था, लेकिन शुक्रवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसका भूमिपूजन कर काम शुरू कराया।

 

श्रद्धालुओं के बैठने और शांति के पल बिताने के लिए विस्तृत हरे-भरे बगीचे और सुंदर रास्ते तैयार किए जाएंगे। आगंतुकों की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग क्षेत्र के साथ ही ऐतिहासिक बाणेश्वर कुंड का सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण के इंतजाम किए जाएंगे।

हर साल कुंड में छठ पूजा की जाती है। उसके हिसाब से भी कुंड में निर्माण किए जाएंगे। बाणेश्वरी लोक के लिए एक बड़ा गेट बनाया जाएगा। इसके अलावा मंदिरों को भी संवारा जाएगा। दस एकड़ में फैले इस कुंड को इंदौर विकास प्राधिकरण तैयार कर रहा है।

 

भूमिपूजन के मौके पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि शहर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को यह कुंड नई पहचान देगा और धार्मिक पर्यटन गतिविधियों को इससे बढ़ावा मिलेगा। सिंहस्थ मेला शुरू होने से पहले इसे बना लिया जाएगा।

काफी लोग इंदौर से होकर उज्जैन जाते हैं। वे भी इस लोक को देखने आ सकते हैं। इस कुंड का निर्माण दो चरणों में होगा। लोक में हरियाली का भी काफी ध्यान रखा जाएगा, जो पुराने पेड़ हैं, उन्हें निर्माण कार्य के कारण हटाया नहीं जाएगा।



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