शहर के कंपू थाना क्षेत्र स्थित सेकंड बटालियन में मंगलवार तड़के करीब 5 बजे एक एसएएफ जवान की गोली लगने से मौत हो गई। जवान क्वॉर्टर गार्ड पर संतरी पहरे क …और पढ़ें

HighLights
- ड्यूटी पर तैनात SAF जवान की गोली लगने से मौत
- क्वॉर्टर गार्ड पर संतरी पहरे के दौरान चली गोली
- ग्वालियर एसएएफ जवान की मौत का रहस्य गहराया
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के कंपू थाना क्षेत्र स्थित सेकंड बटालियन में मंगलवार तड़के करीब 5 बजे एक एसएएफ जवान की गोली लगने से मौत हो गई। जवान क्वॉर्टर गार्ड पर संतरी पहरे की ड्यूटी पर तैनात था। मृतक की पहचान कुलदीप अनुरागी (40) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नौगांव के रहने वाले थे और वर्तमान में बटालियन परिसर के सरकारी आवास में रह रहे थे। मामले में प्राथमिक रूप से आत्महत्या का भी अनुमान लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार कुलदीप अनुरागी रात 2 बजे से सुबह तक की ड्यूटी पर तैनात थे। रोजाना की तरह वे रात में ड्यूटी पर पहुंचे थे। सुबह करीब 5 बजे अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर पास में तैनात अन्य जवान मौके पर पहुंचे। वहां कुलदीप कुर्सी पर घायल अवस्था में मिले और पास में उनकी सर्विस राइफल पड़ी थी। सीने में गंभीर चोट के चलते उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना से पहले परिवार से कर रहे थे वीडियो कॉल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से कुछ समय पहले कुलदीप अपने परिवार से वीडियो कॉल पर बातचीत कर रहे थे। कुलदीप अनुरागी के परिवार में पत्नी प्रियंका के अलावा एक बेटा (16) और एक बेटी (15) हैं। दोनों केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 10वीं के छात्र-छात्रा हैं। परिजनों के अनुसार उन्होंने कभी किसी तरह की परेशानी या तनाव की बात साझा नहीं की थी। घटना से कुछ देर पहले ही उन्होंने फोन कर हालचाल पूछा था और जल्द घर आने की बात कही थी।
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सुबह करीब साढ़े चार बजे निरीक्षण के दौरान भी वे सामान्य स्थिति में थे और फोन पर बात करते देखे गए थे। घटना के समय कुलदीप के साथ चार अन्य जवान भी ड्यूटी पर मौजूद थे, जो अलग-अलग स्थानों पर तैनात थे। साथियों के अनुसार ड्यूटी के दौरान वह शांत थे और किसी प्रकार की असामान्य गतिविधि नजर नहीं आई।
कारण स्पष्ट नहीं, जांच जारी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि वे वर्ष 2005 में एसएएफ में भर्ती हुए थे और दतिया, शिवपुरी व ग्वालियर में सेवाएं दे चुके थे।
