मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है। मंगलवार को खजुराहो सहित प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। प्रमुख पर्यटन स्थल खजुराहो में अधिकतम तापमान सबसे अधिक 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा, हालांकि सोमवार के मुकाबले यहां 1.2 डिग्री की गिरावट देखी गई। अन्य शहरों में सीधी में 44.6 डिग्री और श्योपुर में पारा 44 डिग्री पर रहा।
ये सब जिले 43 पार
प्रदेश के कई जिलों में पारा 43 डिग्री के पार गया। इनमें रायसेन में 43.8 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, खंडवा में 43.4 डिग्री, मुरैना में 43.3 डिग्री, मंडला में 43.2 डिग्री जबकि रतलाम और दमोह में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पांचों बड़े शहर गर्मी से तप रहे
राज्य के पांच प्रमुख बड़े शहरों की स्थिति पर नजर डालें तो राजधानी भोपाल में 43.6 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन में 41 डिग्री तथा जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को खजुराहो में इस सीजन की सबसे अधिक गर्मी रही थी जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था।
भोपाल में 10 साल में दूसरा सबसे गर्म दिन
आज मंगलवार का दिन भोपाल में 10 साल में दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। भोपाल में गर्मी के रिकॉर्ड के अनुसार साल 2017 से 2025 के बीच एक बार ही पारा 43.7 डिग्री पर गया है। यह 30 अप्रैल 2019 को दर्ज किया गया था। इस हिसाब से इस साल 28 अप्रैल का दिन 10 साल में दूसरा सबसे गर्म दिन रहा।
रात के बढ़ते तापमान से लोग परेशान
गर्मी की चिंताजनक स्थिति अब रात के समय भी बनी हुई है क्योंकि न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि देखी जा रही है। सतना में न्यूनतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो इस सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात रही। सीजन में यह पहली बार है जब रात का पारा 31 डिग्री के ऊपर गया है। रायसेन, उमरिया, खजुराहो और सीधी में भी रात का तापमान 29 डिग्री या उससे अधिक रहा। इस बीच दमोह के महुआ खेड़ा गांव में सोमवार शाम आंधी और बारिश के कारण एक कच्ची दीवार गिर गई। इस हादसे में पड़ोस की अड़तालीस वर्षीय महिला रागिनी पटैरिया की दबने से मौत हो गई जब वह अपने घर के पास रखे कंडे ढंकने गई थी।
सीहोर में पिघल गई सड़कें
सीहोर जिले में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजस्थान की गर्म हवाओं के कारण अप्रैल के पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं और स्थिति यह रही कि सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर डामर तक पिघलने लगा।
दो दिन बाद मिल सकती है राहत
स्वास्थ्य विभाग ने लू और हीट स्ट्रोक के खतरों को देखते हुए प्रदेश के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट और ओआरएस कॉर्नर शुरू किए हैं। मौसम विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों को हाइड्रेटेड रहने, दोपहर में धूप से बचने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में लोग दोपहर में सड़कों पर निकलने से बच रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिन के बाद तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
