मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में नारी शक्ति वंदन से जुड़ा संकल्प प्रस्तुत करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस द्वारा लाए गए अशासकीय संकल्प पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सभी पक्ष के विचार सुनने के बाद कहा कि इस संबंध में सभी के विचार सामने आए। जब किसी पहले से निश्चित विषय पर विशेष सत्र बुलाया जाता है, विशेष सत्र में संकल्प प्रस्ताव आए या किसी अन्य विषय पर चर्चा केंद्रित हो तो उससे संबंधित कोई दूसरा अशासकीय संकल्प नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। उसमें संशोधन को प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है और अशासकीय संकल्प को अस्वीकार किया जाता है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हम तो महिला आरक्षण आज से लागू करने की बात कह रहे हैं। हमारा अशासकीय संकल्प का विषय अलग है। परिसीमन कब होगा, जनगणना कब होगी। उन्होंने कहा कि इसे अस्वीकार करना महिलाओं का अपमान है। हम सदन से वॉकआउट करते हैं।


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महिलाओं ने दर्शक दीर्घा से देखी कार्यवाही

विशेष सत्र को लेकर महिलाओं में भी खास उत्साह दिखाई दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं विधानसभा पहुंचीं और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी और अन्य महिला प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहीं। महिला आरक्षण को लेकर हुए इस विशेष सत्र ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सदन में पारित संकल्प के बाद आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। 

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