स्लीपर बसों में आग की घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में सघन जांच अभियान शुरू किया है। अग्निशमन व्यवस्था, पार्टिशन और चेसिस एक्सटेंशन पर …और पढ़ें

HighLights
- सभी जिलों में स्लीपर बसों की विशेष जांच शुरू हुई।
- तीन दिन में परीक्षण नहीं कराया तो सेवाएं रोकेंगी।
- अग्निशमन यंत्र और पार्टिशन हटाने के निर्देश दिए गए।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: देशभर में स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया है। सभी जिलों में अग्निशमन यंत्र से लेकर ड्राइवर-कंडक्टर पार्टिशन के साथ चेसिस एक्सटेंशन के संबंध में जांच की जा रही है। बस संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि अगले तीन दिन में जिला परिवहन कार्यालय में जाकर परीक्षण करा लें वरना ऐसी बसों की अग्रिम सेवाओं को रोक दिया जाएगा। साथ ही निरीक्षण होने तक परिवहन विभाग की सेवाओं से इन्हें वंचित रखा जाएगा।
परिवहन विभाग के उपायुक्त किरण शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय में स्लीपर बसों में आग लगने की अनेकों घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई लोगों की जलने से मौत हुई हैं। स्लीपर बसों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप अग्नि सुरक्षा से संबंधित प्रविधानों का पालन किया जाए, इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सभी आरटीओ को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
चेकिंग के दौरान ड्राइवर कंडक्टर पार्टिशन-स्लाइडर को हटाया जाए, बसों में मानकों के अनुरूप अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध हो, न्यूनतम 10 किलो अग्निशमन यंत्र लगा हो, निर्धारित ले-आउट अनुसार सीट-स्लीपर लगे हों ऐसा सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही जो बसें चैसिस एक्सटेंशन पर बनी हुई पाई जाएंगी उनका फिटनेस एवं पंजीयन निरस्त किया जाएगा।
दो दिनों में 509 बसों की जांच, 27 पर कार्रवाई परिवहन विभाग ने विगत दो दिनों में 509 स्लीपर बसों की जांच की है, 27 बसों को जब्त कर उनके परमिट निलंबन की कार्रवाई की गई। इनमें इंदौर में नौ, उज्जैन में सात, भोपाल व सागर में पांच-पांच और देवास की एक बस शामिल है। 9 लाख रुपये समन शुल्क भी वसूला गया है।
