मध्य प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार 2047 के विजन के नाम पर केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। सिंघार ने सवाल उठाया कि विजन डॉक्यूमेंट क्या सिर्फ भाषणों और प्रस्तुतियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई ठोस रोडमैप भी है।

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उन्होंने कहा कि गुजरात में वनतारा जैसे प्रोजेक्ट बन सकते हैं तो मध्य प्रदेश में क्यों नहीं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के कार्यकाल में प्रदेश को एशियाटिक लॉयन क्यों नहीं मिला और क्या इस पर सिर्फ गुजरात का एकाधिकार रहेगा? सिंघार ने बुधनी के पास टाइगर मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि वन विभाग के पास इसे रोकने का कोई स्पष्ट विजन नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने मत्स्य पालन, सहकारिता चुनाव और सिंगरौली में अदाणी समूह से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारी चुनाव नहीं हो रहे और सिंगरौली में हालात ऐसे हैं कि जनप्रतिनिधियों को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा।

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सात गारंटी की मांगी की 

सिंघार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन सरकार सवालों से भाग रही है। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में बने विजन डॉक्यूमेंट से जनता का भला नहीं होगा। अंत में उन्होंने वर्ष 2026 के लिए ओबीसी को 27% आरक्षण, किसानों को खाद, रोजगार, डॉक्टरों के रिक्त पद शीघ्र भरें, हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल, बेरोजगार युवाओं को रोजगार, लाडली बहनों को 3000 रुपये और गेहूं की 2700 रुपये समर्थन मूल्य जैसी गारंटियों की मांग की। 

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