जहां रानी लक्ष्मीबाई की रक्षा में 745 संतों ने दी थी शहादत, आज भी मौजूद है वो ऐतिहासिक तोप
इतिहासकारों और शाला की परंपराओं के अनुसार, 18 जून 1858 को अंग्रेजों से युद्ध करते हुए रानी लक्ष्मीबाई गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनके विश्वस्त सहयोग …और पढ़ें…
