ग्वालियर में जीआरएमसी सहित मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के करीब 20 हजार पैरामेडिकल छात्रों का भविष्य जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी की लापरवाही के कारण दांव पर है। साल 2021-22 के परिणाम घोषित न होने से छात्रों के नौकरी के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। इससे आहत होकर छात्रों ने अब आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। बीते दिनों GRMC के एक छात्र ने दुखी होकर आत्महत्या की कोशिश भी की थी, जिसे सुरक्षा गार्डों ने रोक लिया।

छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की उदासीनता के कारण उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है और नौकरी के अवसर जा रहे हैं। ग्वालियर GRMC में धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कांग्रेस का भी समर्थन प्राप्त है। सत्र 2023-24 और 2024-25 के छात्र भी चिंतित हैं, क्योंकि उनके सीनियर छात्रों का अब तक रिजल्ट घोषित नहीं हुआ है, जिससे उनकी आगामी परीक्षाओं पर असर पड़ने का डर है।

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GRMC के डीन डॉ. आर. के. एस. धाकड़ ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखा है। पत्र में छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द रिजल्ट घोषित करने की मांग की गई है। वहीं, ग्वालियर में प्रदर्शन कर रहे छात्र यूनिवर्सिटी प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं ताकि उनके शैक्षणिक और करियर संबंधी नुकसान को रोका जा सके।

 



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