नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भगवान सूर्य देव के मीन से मेष राशि में आज प्रवेश करेंगे, खरमास समाप्त होंगे, शहनाई बजना शुरू होंगी। बाजारों में सहलग की रौनक, गार्डनों में भी हुई साफ-सफाई। मीन खरमास 14 अप्रैल मंगलवार को भगवान सूर्य देव के मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही समाप्त हो जायेगा। इसके साथ ही 14 मार्च से मांगलिक कार्यों पर लगा विराम समाप्त हो जायेगा और विवाह समारोह सहित अन्य मांगलिक कार्य शुरू हो जायेंगे। सुबह नौ बजकर 38 मिनट से सूर्य मीन राशि से मेष राशि में आएंगे। इसके बाद 15 अप्रैल से विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश शुरू होंगे।

बाजारों और मैरिज गार्डनों में बढ़ी हलचल

सहलग शुरू होने के साथ ही नगर के गार्डनों की साफ-सफाई शुरू हो गई है। विवाह समारोह के लिए गार्डनों में नये सिरे से सजावट की जा रही है। इसके साथ ही बाजारों में सहलग की रौनक नजर आने लगी है। स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास यानी मीन महीना खत्म हो गया है। इससे पहले 15 मार्च को सूर्य के मीन राशि में आने के बाद मीन मास चल रहा था। खरमास होने के कारण पिछले एक महीने से हर तरह के मांगलिक कामों पर रोक लगी हुई थी। लेकिन अब इनके लिए मुहूर्त रहेंगे।

पंचक का प्रभाव और अप्रैल-मई के वैवाहिक मुहूर्त

हालांकि खरमास खत्म होने के बाद पंचक शुरू हो रहे हैं, इसलिए 5 दिन तक मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। इसी के साथ वैवाहिक मुहूर्त 20 अप्रैल से शुरू होंगे, क्योंकि पांच दिन पंचक हैं। इसके बाद 16 अप्रैल को भी विवाह का मुहूर्त है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े और मई माह में आठ-आठ विवाह के मुहूर्त हैं। अप्रैल माह वैवाहिक मुहूर्त: 20, 21, 23, 25, 26, 28, 29 एवं 30। मई माह: 19, 21, 22, 24, 25, 27, 29 एवं 30। जून में एक, तीन, पांच, छह, सात, 11, 12 एवं 14 तारीख को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। जुलाई में एक, पांच, छह, सात एवं 11 को विवाह का शुभ मुहूर्त है।

फिर लगेगा मांगलिक कार्यों पर विराम

डेढ़ माह बाद 17 मई से अधिकमास शुरू हो जायेगा, जो कि 15 जून तक रहेगा। अधिकमास के कारण एक बार फिर मांगलिक कार्यों पर विराम लग जायेगा। अधिकमास के कारण हिंदू कैलेंडर में यह वर्ष 13 माह का है। 19 जून के अंतिम पखवाड़े और जुलाई के माह में पांच वैवाहिक मुहूर्त हैं। 17 मई से शुरू होगा अधिकमास, फिर लगेगा मांगलिक कार्यों में विराम।



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