मुरैना जिले में नीलगाय का शिकार कर उसका मांस ढाबों और होटलों तक पहुंचाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने सरायछोला थाना क्षेत्र के जारह गांव में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी के घर से करीब दो क्विंटल नीलगाय का मांस बरामद किया है। आरोपी ने मांस को घर के अंदर फ्रिज और बोरियों में भरकर रखा हुआ था। वन विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
सूचना मिलते ही वन विभाग ने मारा छापा
बताया जा रहा है कि हिंदू संगठनों ने वन विभाग को सूचना दी थी कि एक घर में भारी मात्रा में मांस रखा हुआ है। सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने ग्राम जातवर में सोनू नागर के घर पर छापा मारा। छापे के दौरान मौके पर रिंकू खान पुत्र अकबर खान मिला। जब टीम ने घर में रखे बड़े फ्रिज की तलाशी ली तो उसमें चार प्लास्टिक की बोरियों में भरा करीब दो क्विंटल नीलगाय का मांस मिला। वन विभाग ने तुरंत मांस को जब्त कर लिया और आरोपी रिंकू खान को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
बीहड़ से बरामद हुआ नीलगाय का सिर और चमड़ी
गिरफ्तार आरोपी रिंकू खान की निशानदेही पर वन विभाग की टीम ने सिहोरी गांव के बीहड़ में भी दबिश दी। यहां से टीम ने शिकार की गई नीलगाय का सिर और चमड़ी भी बरामद की। जांच में सामने आया कि तस्कर बीहड़ में मौजूद नीलगायों को पकड़कर वहीं उनका शिकार करते थे और मांस तैयार कर लेते थे।
ढाबों और दूसरे जिलों में होती थी सप्लाई
वन विभाग की शुरुआती जांच में पता चला है कि लंबे समय से नीलगाय का शिकार कर उसका मांस होटलों, ढाबों और आसपास के जिलों में सप्लाई किया जा रहा था। तस्कर इस मांस को खासतौर पर आसपास के मेवाती होटलों और अन्य जिलों में बेचते थे। अब वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इस तस्करी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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आरोपी से लगातार पूछताछ
वन विभाग के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि पकड़े गए आरोपी रिंकू खान से लगातार पूछताछ की जा रही है। उसकी निशानदेही पर बीहड़ से नीलगाय का सिर और चमड़ी भी बरामद की गई है। इस मामले में एक महिला मदीना उर्फ लाली नट नागर को भी पकड़ा गया है। फिलहाल आरोपी रिंकू खान और मकान मालिक सोनू नागर के खिलाफ कार्रवाई की गई है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
पहले भी मोर के शिकार का लग चुका है आरोप
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक करीब चार साल पहले भी इस आरोपी पर राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करने का आरोप लग चुका है। बताया जाता है कि मोर का मांस दुर्लभ माना जाता है और इसकी ऊंचे दामों में सप्लाई की जाती थी। इस मामले में भी आरोपी के खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुके हैं।
