Gold and Silver Prices: पिछले सात दिनों में सबसे ज्यादा अस्थिरता चांदी के भावों में रही है। जहां एक ओर भाव 3.30 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल रहे ह …और पढ़ें

HighLights
- एक सप्ताह में ही चांदी व सोने के भावों में हुई है बढ़ोतरी व गिरावट भी
- सराफा बाजार में विवाद का मुख्य कारण बुकिंग की शर्तें बन रही हैं
- कई ग्राहकों ने 15-20 दिन पहले जब भाव कम थे, तब जेवरात बुक कराए थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर शहर के ऐतिहासिक सराफा बाजार और मुरार के जेवरात शोरूम्स में इन दिनों सोने और चांदी के भावों में आए अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव ने गफलत की स्थिति पैदा कर दी है। पिछले एक सप्ताह के भीतर सोने-चांदी के दामों में जिस तरह की अस्थिरता देखी गई है, उसने न केवल आम ग्राहकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, बल्कि सराफा कारोबारियों और बुकिंग कराने वाले ग्राहकों के बीच विवाद की स्थिति भी बना दी है।
हालांकि अभी ऐसे विवाद पूरी तरह से सामने नहीं आए हैं। सराफा बाजार के जानकारों का कहना है कि विवाद से बचने के लिए बुकिंग के समय ही रेट फिक्सेशन की लिखित पर्ची लेनी चाहिए। यदि बुकिंग के दिन पूरा पैसा चुका दिया गया है, तो ग्राहक को उसी दिन के भाव का लाभ मिलना चाहिए। अन्यथा, डिलीवरी के दिन का भाव ही सर्वमान्य होता है।
चांदी ने दिखाई सबसे ज्यादा चमक और गिरावट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सात दिनों में सबसे ज्यादा अस्थिरता चांदी के भावों में रही है। जहां एक ओर भाव 3.30 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल रहे हैं, वहीं रातों-रात इनमें हजारों रुपये की गिरावट भी दर्ज की जा रही है। सोने की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है, जहां 24 कैरेट सोना 1.50 लाख से 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच झूल रहा है। भावों का यह हिंडोला उन लोगों के लिए मुसीबत बन गया है जिन्होंने सहालग (शादी-ब्याह के सीजन) के लिए पहले से जेवरात बुक करा रखे थे।
गफलत में ग्राहक और व्यापारी
सराफा बाजार में विवाद का मुख्य कारण बुकिंग की शर्तें बन रही हैं। कई ग्राहकों ने 15-20 दिन पहले जब भाव कम थे, तब जेवरात बुक कराए थे। अब भाव बढ़ने पर वे पुराने रेट पर ही डिलीवरी चाह रहे हैं। जबकि सराफा कारोबारियों का कहना है कि उन्होंने जिस दिन सोना या चांदी खरीदी, उसी दिन का रेट प्रभावी होगा। बुकिंग राशि के समय यह स्पष्ट नहीं होने के कारण अब शोरूम्स पर बहस की नौबत आ रही है। चांदी के भावों में एक ही दिन में 5 से 10 हजार रुपये का अंतर आ रहा है। ऐसे में ग्राहक को समझाना मुश्किल हो रहा है कि जेवरात की अंतिम कीमत किस दिन के भाव से तय होगी।
इस तरह बचा जा सकता है विवाद से
रेट फिक्सिंग का विकल्प
अगर आपको डर है कि भविष्य में भाव बढ़ेंगे, तो बुकिंग के समय ही रेट लाक करवाएं। इसके लिए ज्यादातर व्यापारी 100 प्रतिशत भुगतान की शर्त रखते हैं। यदि आपने पूरा पैसा दे दिया है, तो भाव चाहे कितने भी बढ़ें, आपको बुकिंग वाले दिन के रेट पर ही सोना व चांदी मिलेगा।
आंशिक भुगतान
यदि आपने केवल टोकन मनी (जैसे 10,000 या 20,000 रुपये) दी है, तो नियमतः आपको डिलीवरी वाले दिन का भाव देना होगा। ऐसी स्थिति में बुकिंग राशि केवल आपके आर्डर को सुरक्षित करती है, रेट को नहीं।
मेकिंग चार्ज और जीएसटी का पेंच
अक्सर ग्राहक केवल सोने का भाव देखता है। बिल बनवाते समय मेकिंग चार्ज व जीएसटी अलग से जुड़ता है। बुकिंग पर्ची पर हमेशा टोटल मेकिंग चार्ज लिखवाएं ताकि बाद में व्यापारी इसे न बढ़ा सके।
क्या कहते हैं सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष
वर्तमान में सोने व चांदी के भावों में लगातार उतार चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में ग्राहक व कारोबारी दोनों ही असमंजस में हैं। हालांकि इन भावों की वजह से हमारे यहां विवाद की स्थिति सामने नहीं आई है। लेकिन दूसरे शहरों में ऐसे विवाद जरूर सामने आ रहे हैं। – पुरुषोत्तम जैन, अध्यक्ष, सराफा बाजार एसोसिएशन
