नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का भारी बोझ सामने आया है। स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री के नाम से जुड़े इस महत्वपूर्ण मंच पर भी हजारों शिकायतें लंबित पड़ी हैं।
सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग में अवैध कब्जों से जुड़ी हैं, जिनकी संख्या 10 हजार से अधिक है। वहीं गृह विभाग में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने और विवेचना में देरी की 20 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। सौ दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की संख्या भी चिंताजनक है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
राजस्व विभाग में अवैध कब्जे के सबसे ज्यादा मामले
सीएम हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार राजस्व विभाग में कुल 95,552 शिकायतें लंबित हैं। इनमें अवैध कब्जे से संबंधित 10,650 मामले शामिल हैं, जिनमें से 4,550 शिकायतें सौ दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। इसके अलावा सीमांकन के 5,615 और खसरा अपडेट के 5,496 मामले भी लंबित हैं। बंटवारे से जुड़े 2,349 प्रकरण भी अब तक निराकरण की प्रतीक्षा में हैं।
पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने के आरोप
गृह विभाग से जुड़ी 54,345 शिकायतें लंबित हैं। इनमें एफआईआर दर्ज नहीं करने से संबंधित 20,191 शिकायतें सबसे ज्यादा हैं। वहीं पुलिस विवेचना में देरी के 18,623 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 5,559 शिकायतें सौ दिन से अधिक समय से लंबित हैं। गिरफ्तारी नहीं होने से जुड़े 3,189 और पुलिस के व्यवहार से संबंधित 1,782 मामले भी हेल्पलाइन पर दर्ज हैं।
शहरवार पुलिस शिकायतों की स्थिति
पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के मामलों में इंदौर 2,671 शिकायतों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद भोपाल में 2,225, भिंड में 1,041 और ग्वालियर में 865 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस व्यवहार से संबंधित मामलों में भी इंदौर, भोपाल, सागर और ग्वालियर प्रमुख जिलों में शामिल हैं।
100 दिन से लंबित शिकायतों में ग्वालियर चौथे स्थान पर
प्रदेशभर में 100 दिन से अधिक समय से लंबित पुलिस शिकायतों में ग्वालियर चौथे स्थान पर है। इंदौर में 853, भोपाल में 878, भिंड में 414 और ग्वालियर में 315 शिकायतें लंबित हैं। यह स्थिति मार्च के अंतिम सप्ताह की समीक्षा बैठक में सामने आई।
2014 में हुई थी सीएम हेल्पलाइन की शुरुआत
सीएम हेल्पलाइन की शुरुआत 31 जुलाई 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में लोक सेवा प्रबंधन विभाग के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान, शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना और सुशासन को मजबूत करना था। इसके लिए नागरिक 181 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
