Cyber Security: मोबाइल फोन पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल अगर गलती से डाउनलोड हो जाए, तो कुछ ही सेकंड में बैंक खाता खाली हो सकता है। …और पढ़ें

HighLights
- APK फाइल से होने वाली ठगी से बचाती है ये फोन की सेटिंग
- फोन सेटिंग बदलकर रोक सकते हैं गलत फाइल की एक्सेस
- बढ़ते साइबर क्राइम के बीच आइटी विशेषज्ञों का बड़ा अलर्ट
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मोबाइल फोन पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल अगर गलती से डाउनलोड हो जाए, तो कुछ ही सेकंड में बैंक खाता खाली हो सकता है। शहर में एक के बाद एक ऐसे साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा उदाहरण शहर के एक स्कूल संचालक प्रेम शंकर चौरसिया के साथ हुई 2 लाख 43 हजार की ठगी है। इस मामले में भी वाट्सएप ग्रुप पर एक एपीके फाइल को गलती से डाउनलोड करने से उनका खाता खाली हो गया।
ऐसे में आमतौर पर लोगों को सतर्क करने के लिए सिर्फ इतना कहा जाता है कि अनजान लिंक डाउनलोड न करें, लेकिन इससे आगे भी कई विकल्प हैं जो ऐसी एपीके फाइलों से बचाव कर सकते हैं। इसमें पाथ ब्लॉकिंग, डबल पर्मीशन जैसे कई सुरक्षा विकल्प मौजूद हैं।
क्या कहना है आइटी विशेषज्ञों?
साइबर और आइटी विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल में कुछ जरूरी सेटिंग बदलकर अनजान स्रोत से आने वाली एपीके फाइल को फोन में आने और संग्रहित होने से रोका जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले मोबाइल की सेटिंग में जाकर सुरक्षा से जुड़े विकल्पों में बदलाव करना जरूरी है। इसके बाद क्रोम, गूगल और फाइल प्रबंधक जैसे अनुप्रयोगों में जाकर अनजान स्रोत से फाइल स्थापित करने की अनुमति को बंद कर देना चाहिए। साथ ही, गूगल प्ले स्टोर के प्रोटेक्शन को हमेशा चालू रखें और क्रोम में सुरक्षित ब्राउजिंग विकल्प को सक्रिय रखें। इससे वाट्सएप ही नहीं, बल्कि गूगल के माध्यम से आने वाली खतरनाक एपीके फाइलों से भी काफी हद तक बचाव संभव है।
इन सेटिंग में बदलाव करें
- फोन के फाइल मैनेजर/ सिक्योरिटी सेटिंग्स में जाकर संदिग्ध फाइलों का पाथ ब्लॉक करें या एपीके फाइल टाइप को ब्लाक लिस्ट में डालें, ताकि ऐसी फाइल डाउनलोड या ओपन न हो सके।
- वाट्सएप → सेटिंग → स्टोरेज एंड डाटा→ मीडिया ऑटो डाउनलोड, इसमें मोबाइल डेटा, वाई-फाई और रोमिंग तीनों को बंद रखें।
- किसी भी ग्रुप या व्यक्ति से आई एपीके, जिप या संदिग्ध लिंक को न खोलें।
- सेटिंग्स→ सिक्योरिटी→इंस्टाल अननोन एप्स, क्रोम, वाट्सएप और फाइल मैनेजर के लिए इंस्टाल अनुमति बंद रखें।
- जिस फाइल के अंत में .एपीके लिखा हो, उसे कभी डाउनलोड न करें।
- गूगल प्ले स्टोर से सुरक्षित और भरोसेमंद एंटीवायरस एप सक्रिय रखें।
- ओटीपी, इनाम, केवाईसी अपडेट जैसे संदेश अक्सर साइबर ठगी के होते हैं, सावधान रहें।
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गूगल में रखें सेफ ब्राउजिंग
- फोन में गूगल क्रोम चलाते समय भी सावधानी रखना जरूरी है। इसमें सेफ ब्राउजिंग का विकल्प सबसे बेहतर रहता है। इसके लिए क्रोम→ सेटिंग्स→ प्राइवेसी और सिक्योरिटी→ सेफ ब्राउजिंग इनहेंस प्रोटेक्शन को चुनें, जिससे खतरनाक साइट्स और फाइल ब्लाक की जा सकती हैं।
किसी भी फोन में एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर उसका पूरा एक्सेस लिया जा सकता है। इसके लिए पाथ ब्लॉक सहित अन्य सेटिंग में बदलाव कर और थोड़ी सी सावधानी रखते हुए बचा जा सकता है। ध्यान रहें कि किसी भी एप को भी ब्राउजर से नहीं, सीधा प्ले या एपल स्टोर से डाउनलोड करें। – धीरज बांदिल, आइटी एक्सपर्ट
