ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। मंत्री ने कहा कि अब योजना में लापरवाही करने वाले अधिकारियों का केवल ट्रांसफर नहीं, बल्कि डिमोशन किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि रबी सीजन में किसानों को हर हाल में 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

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बैठक में मंत्री ने सर्किलवार योजना की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में सक्रिय रहें और नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने बताया कि योजना में अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। सर्वश्रेष्ठ सर्किल के अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रुपये, प्रथम सर्किल को 25 हजार रुपये और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, इन अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली में इस उपलब्धि का उल्लेख भी होगा। मंत्री ने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं पर 2 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं संपर्क करेंगे। इन मामलों का पूरा विवरण मंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा। बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करना और लंबित बिलों के लिए कनेक्शन काटना भी जरूरी है। मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और किसानों को बेहतर सेवा देने में मदद करेगी। 

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बैठक में बताया गया कि अब तक समाधान योजना के तहत 578 करोड़ 22 लाख रुपये जमा हो चुके हैं। साथ ही उपभोक्ताओं को 264 करोड़ 17 लाख रुपये के सरचार्ज की राहत दी गई है। सबसे अधिक वसूली 382 करोड़ 72 लाख रुपये मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में हुई है। योजना का पहला चरण 31 जनवरी तक जारी रहेगा। बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले ने कहा कि लंबे समय से बिल ना जमा करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाएं।



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