मध्य प्रदेश में अगले मौजूदा दौर में कभी भी प्रशासनिक सर्जरी हो सकती है। पहले यह माना जा रहा था कि एसआईआर का काम निपटने के साथ ही 15 फरवरी के बाद यह प्रशासनिक सर्जरी होगी, लेकिन कुछ नामों को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के बीच सहमति नहीं बनने और बाद में पारिवारिक कारणों से मुख्य सचिव के अवकाश पर जाने से सूची फाइनल नहीं हो सकी। अब यह माना जा रहा है कभी भी यह सूची जारी हो सकती है। इस सूची में तीन कमिश्नर और एक दर्जन कलेक्टर के प्रभावित होने की चर्चा है। भोपाल कलेक्टर विक्रम कौशलेंद्र सिंह सुपर टाइम स्केल में आ चुके हैं और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा है। उनकी गिनती मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र अधिकारियों में होती है। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा, शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, शहडोल कलेक्टर केदार सिंह, उमरिया कलेक्टर धरणेंद्र कुमार जैन, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग और मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ का नाम भी तबादला सूची में दिखाई दे सकता है। इनमें से कुछ कलेक्टर निगम मंडल के एमडी बनाए जा सकते हैं और कुछ मंत्रालय में अपर या उपसचिव बनेंगे।

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कौन होगा मध्य प्रदेश रेरा का चेयरमैन?

भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1984 बैच के पूर्व अधिकारी एपी श्रीवास्तव का मध्य प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी रेरा के अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह पद 6 मार्च को रिक्त हो गया है। इस पद पर कौन आसीन होगा इसको लेकर कई पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। एक नाम वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन का भी है। अनुराग जैन का मुख्य सचिव के रूप में विस्तारित कार्यकाल 26 अगस्त को पूरा होगा। इस प्रकार अगर वे नियुक्त होते हैं तो इस पद पर वे सवा 3 साल से ज्यादा समय तक बने रहेंगे। इसके अलावा पूर्व अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा और मलय श्रीवास्तव का नाम भी चर्चा में है, जो पूर्व में नगरीय विकास और टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग जैसे संबंधित विभागों के प्रमुख रह चुके हैं। मिश्रा वर्तमान में राज्य पुनर्गठन आयोग के सदस्य भी हैं। इस पद के चयन के लिए गठित समिति के अध्यक्ष हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होते हैं।

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खाली ही रहेगा भाजपा संगठन महामंत्री का पद  

सियासी गलियारों की खबरों पर अगर भरोसा किया जाए तो प्रदेश में भाजपा संगठन महामंत्री का पद फिलहाल खाली ही रहेगा। पूर्व संगठन मंत्री हितानंद शर्मा की विदाई हुए करीब डेढ़ महीना हो गया है, लेकिन उनके स्थान पर किसी को नियुक्त करने को लेकर पार्टी संगठन में किसी भी स्तर पर कोई हलचल नहीं है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ही यह काम देखते रहेंगे। बताया गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पानीपत में अगले सप्ताह होने वाली बैठक के बाद इस संबंध में कोई निर्णय हो सकता है, लेकिन फिलहाल इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।

मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष का पद सवा साल से खाली 

मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष का पद पिछले सवा साल से खाली पड़ा है। इसके अध्यक्ष रहे 1986 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह परिहार का कार्यकाल समाप्त हुए सवा साल हो चुका है। हालांकि, इस पद के कई दावेदार पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी इस पद पर नियुक्ति नहीं हुई है।

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