मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे अंदरूनी मतभेद भी उजागर हो रहे हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के एक बयान ने पार्टी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
दावेदारी पर खुलकर बोले वर्मा
राज्यसभा की उम्मीदवारी को लेकर अपनी इच्छा जाहिर करते हुए सज्जन वर्मा ने कहा कि उनके मन में भी उच्च सदन तक पहुंचने की इच्छा है, लेकिन यह राह आसान नहीं होती। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि जिन नेताओं का प्रदेशभर में मजबूत नेटवर्क है, उनके राज्यसभा पहुंचने से अन्य नेताओं की राजनीतिक जमीन कमजोर पड़ सकती है।
हम पहुंचे तो बंद हो जाएगी दुकानदारी
वर्मा ने तीखा बयान देते हुए कहा कि यदि उनके जैसे नेता राज्यसभा में पहुंचते हैं, तो कई अन्य नेताओं की दुकानदारी बंद हो जाएगी। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर चल रही प्रतिस्पर्धा और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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कांग्रेस में बढ़ती खींचतान
राज्यसभा चुनाव के नजदीक आते ही मध्यप्रदेश कांग्रेस में दिग्गज नेताओं के बीच मतभेद सतह पर आने लगे हैं। अलग-अलग नेताओं की दावेदारी और बयानबाजी से यह साफ है कि टिकट को लेकर अंदरूनी संघर्ष तेज हो चुका है। सज्जन वर्मा के बयान के बाद पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इन मतभेदों को कैसे साधता है और आखिरकार राज्यसभा के लिए किसे मैदान में उतारा जाता है।
