राज्यपाल के अभिभाषण पर गुरुवार को विधानसभा चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की हरकतों की वजह से जनता उन्हें लगातार विपक्ष में रखती है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है और जनता ने विपक्ष को उसी भूमिका में बैठाया है। सीएम ने कहा कि सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है। टेक्सटाइल पार्क, सिंचाई रकबे में वृद्धि और नक्सलवाद में कमी का भी उल्लेख किया तथा विपक्ष के सकारात्मक सुझावों का स्वागत करने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में अब 40 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं और विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने के लिए ऋण सहायता दी जा रही है। उन्होंने आयुर्वेद एम्स की स्थापना का भी उल्लेख किया। किसानों को भावांतर योजना के तहत एमएसपी लाभ दिलाने के लिए 2300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का बजट 4.21 लाख करोड़ से बढ़कर 4.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। कर्ज के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश गठन से अब तक का पूरा कर्ज वर्तमान सरकार पर नहीं थोपा जाना चाहिए, सरकार पुराने कर्ज का ब्याज भी चुका रही है।

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नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल 

वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों और निवेश दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि दावोस बैठकों के बाद निवेश प्रस्तावों में से कितने धरातल पर आए और कितनों को रोजगार मिला। 11 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ब्रांडिंग पर 200 करोड़ और जीआईएस आयोजन पर 81 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि जमीनी समस्याएं बनी हुई हैं। सिंघार ने साइबर फ्रॉड, किसानों के कर्ज, दूषित पानी, आरक्षण व्यवस्था और लाडली बहना योजना में नए पंजीयन बंद होने जैसे मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी हकीकत स्पष्ट करनी चाहिए और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

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