मोहन सरकार अपने दो वर्ष पूरे कर चुकी है और अब शेष तीन वर्षों के लिए सरकार ने विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है। सरकार ने साफ किया है कि आने वाले वर्षों में उसका मुख्य फोकस रोजगार, शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर रहेगा। इन सेक्टरों को राज्य के विकास के लिए निर्णायक माना जा रहा है।

रोजगार: सबसे बड़ा फोकस

राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए रोजगार अवसरों का सृजन है- चाहे सरकारी क्षेत्र हो या निजी क्षेत्र। सरकार ने आगामी तीन वर्षों में 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जा रही है और कई विभागों में भर्ती संबंधी विज्ञप्तियां भी जारी हो चुकी हैं। सरकार का दावा है कि पिछले दो वर्षों में 6 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। स्वरोजगार योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा और 30,000 नए उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित करने की योजना है।

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38 शहरों का नया जीआईएस मास्टर प्लान

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा प्रदेश के 38 शहरों के जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार किए जाएंगे। साथ ही महानगर क्षेत्र कानून लागू किया जाएगा। टीडीआर पोर्टल का विस्तार, टीओडी नीति का क्रियान्वयन और सिंहस्थ 2028 के लिए एकीकृत मास्टर प्लान आधारित विकास किया जाएगा। डीपीडीपी कानून के अनुरूप विभागीय पोर्टल का आधुनिकीकरण किया जाएगा। नक्शाविहीन गांवों का डिजिटलीकरण, भू-अर्जन प्रक्रियाओं को एंड-टू-एंड ऑनलाइन करने और नई आबादी की भूमि का चिन्हांकन भी योजना का हिस्सा है। विश्वास-आधारित डायवर्ज़न प्रक्रिया भी लागू की जाएगी।

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जनजातीय विकासखंड में सांदीपनि स्कूल

हर जनजातीय विकासखंड में सांदीपनि स्कूल, एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना की योजना है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ेगा।

जल जीवन मिशन- लक्ष्य से पहले पूरा करने का दावा

प्रदेश सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समयसीमा दिसंबर 2028 तय की है, लेकिन मध्य प्रदेश इसे मार्च 2027 तक पूरा कर देश में मिसाल पेश करेगा। मिशन के संचालन और संधारण के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार की जाएगी, ताकि जल आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो।



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