मध्यप्रदेश के भोपाल में रहने वाली हर्षा रिछारिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि वे मूल रूप से उत्तराखंड से ताल्लुक रखती हैं। दरअसल, हर्षा रिछारिया ने धर्म के मार्ग से अलग होने का एलान किया है। वे महाकुंभ 2025 के दौरान सुर्खियों में आईं थी। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो में उन्होंने बताया कि बीते एक साल में उन्हें लगातार विरोध, चरित्र हनन और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे आहत होकर उन्होंने अपने पुराने प्रोफेशन में लौटने का फैसला लिया है।

 

हर्षा रिछारिया ने जारी वीडियो के माध्यम से स्पष्ट किया कि मौनी अमावस्या के स्नान के बाद वह धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प समाप्त कर देंगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो कोई गलत काम किया और न ही अनैतिक आचरण अपनाया, इसके बावजूद बार-बार उन्हें रोका गया और उनका मनोबल तोड़ा गया।

 

हर्षा ने धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों रुपये कमाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये बातें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने दावा किया कि आज वह आर्थिक रूप से मजबूत नहीं, बल्कि कर्ज में डूबी हुई हैं। उन्होंने बताया कि धर्म के मार्ग पर आने से पहले वह एंकरिंग और मॉडलिंग के क्षेत्र में सफल करियर कर रही थीं। देश और विदेश में काम कर चुकी थीं और पूरी तरह आत्मनिर्भर थीं। हालांकि, पिछले एक साल में विवादों और विरोध के चलते उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और उनके पास सिर्फ उधारी रह गई।

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भावुक होते हुए हर्षा रिछारिया ने कहा कि हमारे समाज में किसी महिला के चरित्र पर सवाल उठाना बेहद आसान है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह सीता नहीं हैं जो बार-बार अग्नि परीक्षा दें। उन्होंने कहा मेरा इस धर्म से जाना सिर्फ जाना नहीं होगा। बल्कि एक विद्रोही मानसिकता के साथ जाना होगा।

 

हर्षा ने महाकुंभ में सुंदर साध्वीके रूप में बटोरी थीं सुर्खियां

महाकुंभ मेला 2025 को पृथ्वी पर सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन माना जाता है। प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत के समय हर्षा रिछारिया की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। इस बीच एक साध्वी का वीडियो सामने आया था, जिसे लोग महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी बता रहे थे। एक खूबसूरत युवती के साध्वी बनने ने लोगों को खूब आकर्षित किया।

 

सुंदर साध्वी का वीडियो वायरल

उत्तराखंड की साध्वी की खूबसूरत आंखों और गहरी भक्ति ने उत्सव में सभी का ध्यान खींचा। वह पारंपरिक पोशाक और गेंदे की मालाओं से सजी हुई थीं। उन्हें प्रयागराज में तब देखा गया, जब वह त्रिवेणी संगम पर औपचारिक स्नान करने वाली थीं। क्लिप में रिपोर्टर की नजर युवा साध्वी पर पड़ी, जिन्होंने बताया कि उन्होंने पिछले दो वर्षों से धार्मिक मार्ग चुना है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह आचार्य महामंडलेश्वर की शिष्या थीं।

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हर्षा ने क्यों चुनी साध्वी की राह?

साध्वी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सुकून पाने के लिए भौतिक दुनिया को छोड़ दिया और उनके चुने हुए रास्ते से उन्हें वह शांति मिली है, जिसकी उन्हें तलाश थी। उन्होंने आगे कहा कि कुंभ मेले में उनकी भागीदारी उनके मोक्ष का मार्ग है, जो हर व्यक्ति का अंतिम लक्ष्य है। सबसे सुंदर साध्वी के रूप में पहचानी जा रही यह लड़की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है। उनका असली नाम हर्षा रिछारिया है। वह अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर महाकुंभ सहित अन्य धार्मिक गतिविधियों को कवर करती रही हैं।

 

दो साल पहले साध्वी बनने का दावा

इंस्टाग्राम पोस्ट से पता चलता है कि हर्षा रिछारिया एक अभिनेत्री और एंकर हैं और उन्होंने दुनिया भर की यात्रा भी की है। उनकी इंस्टाग्राम स्टोरीज से पता चलता है कि साध्वी का जीवन जीने के बावजूद वह अभी भी शादी के समारोहों की मेजबानी कर रही हैं।

 

अब भी इवेंट्स होस्ट करती हैं हर्षा

उनकी कुछ स्टोरीज जो नवंबर 2024 की हैं, जिसमें उन्हें बैंकॉक के हुआ हिन शहर में एक डेस्टिनेशन वेडिंग होस्ट करते हुए दिखाया गया। उन्होंने ऐसी स्टोरीज भी शेयर की हैं, जिनसे पता चलता है कि बैंकॉक में हुए इवेंट के बाद उन्होंने म्यांमार के मांडले शहर में एक और डेस्टिनेशन वेडिंग होस्ट की। उनके इंस्टाग्राम पर कई ग्लैमरस तस्वीरें भी हैं। जैसे ही सोशल मीडिया पर हर्षा के वीडियो वायरल हुए तो यूजर्स ने उन्हें साध्वी मानने से इनकार कर दिया और उनकी तस्वीरें और वीडियो साझा कर उनकी एंकरिंग और एक्टिंग करियर के बारे में बता रहे हैं। साथ ही उनका कहना है कि हर्षा ने साध्वी का रूप केवल सुर्खियां पाने के लिए धारण किया है।





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