जेयू प्रशासन नकल रोकने के लिए अब उड़नदस्ता दल को विश्वविद्यालय वाहनों की जगह टैक्सी से परीक्षा केंद्र भेजेगा। मुरैना और दतिया जैसे संवेदनशील जिलों में …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 09:36:39 AM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 09:36:39 AM (IST)

मुरैना में नकल का वीडियो वायरल होने के बाद जागा जेयू प्रबंधन, टैक्सी से दबिश देने का दावा
नकल के कारण विवादों में घिरा जेयू प्रबंधन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. नकल रोकने जेयू उड़नदस्ता अब टैक्सी से जाएगा
  2. संवेदनशील जिलों में निरीक्षण दल की सख्ती बढ़ेगी
  3. पहले वाहनों की पहचान से सूचना लीक हो जाती

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। परीक्षा केंद्रों पर कभी नकल तो कभी पेपर समय से पहले खुल जाने को लेकर लगातार विवादों में घिरा जेयू प्रबंधन अब टैक्सी वाहन के भरोसे नकल रोकने का दावा कर रहा है। जिन जिलों में नकल माफियाओं का आतंक ज्यादा है वहां जेयू का उड़नदस्ता अब सुनियोजित तरीके से परीक्षा केंद्रों पर दबिश देगा।

प्रबंधन के अधिकारियों का निर्णय है कि ऐसे परीक्षा केंद्रों पर जाने वाले निरीक्षण दल जेयू के वाहनों का प्रयोग न करते हुए टैक्सी वाहनों का उपयोग करेंगे। हालांकि प्रबंधन निरीक्षण दलों को व्यवस्थित रूप से आने जाने के लिए टैक्सी का उपयोग करेगा लेकिन इसकी भी गारंटी नहीं कि उड़नदस्ते की जानकारी तब भी लीक नहीं होगी।

मुरैना के पहाड़गढ़ में खुलेआम नकल का वीडियो हुआ था वायरल

मुरैना जिले के पहाड़गढ़ स्कूल सेंटर में खुलेआम नकल का वीडियो कुछ दिनों पहले सामने आया था, जिसको लेकर एनएसयूआइ ने खुलेआम साठगांठ के आरोप जेयू के कुलसचिव पर लगाए थे। जेयू में प्रदर्शन किया गया और कार्रवाई की मांग की गई।

उड़नदस्ते से पहले पहुंचती है सूचना

  • कई मामलों में देखने में आया है कि संस्थान के वाहनों से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले उड़नदस्ता दल की पहचान पहले ही लीक हो जाती थी, जिससे नकल माफियाओं को अलर्ट मिलने लगता था।
  • दरअसल, परीक्षा केंद्र के रास्ते में कुछ लोगों को खड़ा कर वाहन की पहचान करवा ली जाती थी। अलर्ट मिल जाने के बाद नकल माफिया सेंटर से नकल सामग्री गायब करवा देते थे, लेकिन अब इस खेल पर ब्रेक लगाने के लिए जेयू प्रशासन ने नया तरीका अपनाया है। अब उड़नदस्ता अधिकारी विश्वविद्यालय के वाहनों की बजाय टैक्सी से निरीक्षण के लिए निकलेंगे, जिससे उनकी मूवमेंट पूरी तरह गोपनीय बनी रहे।

सुबह तय होगा कहां जाएगा दल

सूत्रों के मुताबिक, उड़नदस्ता प्रभारी परीक्षा के दिन हर सुबह तय करेंगे कि कौन-सा दल किस जिले में दबिश 
देगा, जिससे अचानक निरीक्षण की संभावना बढ़ जाएगी और लीक होने की गुंजाइश कम रहेगी। इस बार खासतौर पर मुरैना और दतिया जिलों के परीक्षा केंद्रों पर अधिक सख्ती बरती जाएगी, क्योंकि यहां नकल के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।

कुलसचिव का दावा- गोपनीयता रखेंगे सुनिश्चित

परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के लिए कुछ स्पोर्ट्स अधिकारी भी निरीक्षण दल में शामिल किए हैं और परीक्षा केंद्रों पर आने जाने के लिए टैक्सी वाहन का उपयोग किया जा रहा है। दल की प्रत्येक गतिविधि की गोपनीयता भी सुनिश्चित कर रहे हैं। – डा. राजीव मिश्रा, कुलसचिव, जेयू



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