भोपाल में महिला उत्पीड़न के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा की बहू और महिला कांग्रेस नेत्री रूपाली शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा तो देती है, लेकिन जमीनी हकीकत में महिलाओं के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे। रूपाली शर्मा ने आरोप लगाया कि महिला उत्पीड़न के मामलों में भाजपा नेताओं के नाम बार-बार सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे बैठी है। उन्होंने कुलदीप सिंह सेंगर, बृजभूषण शरण सिंह, संदीप सिंह और अतुल चौरसिया जैसे नेताओं का जिक्र करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों को भी गंभीर मुद्दा बताया।
प्रदेश में हालात इतने खराब
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालात इतने खराब हैं कि चलती गाड़ियों में दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार ठोस कदम उठाने में नाकाम दिख रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों अधिकतर मामलों में भाजपा नेताओं के नाम ही सामने आते हैं। रूपाली शर्मा ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जो सरकार की नाकामी को उजागर करता है।
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दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा
रूपाली शर्मा ने साफ किया कि अगर महिला उत्पीड़न के मामलों में कांग्रेस नेताओं के नाम सामने आते हैं, तो पार्टी भी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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151 सांसद और विधायकों पर महिला उत्पीड़न के मामले
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के 2024 के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि देश में 151 सांसद और विधायकों पर महिला उत्पीड़न के मामले दर्ज हैं, जिनमें 54 भाजपा और 23 कांग्रेस से जुड़े हैं। इस पर उन्होंने कहा कि अदालत जो भी फैसला करेगी, उसी आधार पर कार्रवाई होना चाहिए। चाहे वह किसी भी दल का नेता क्यों न हो।
