नगर निगम भोपाल क्षेत्र में संचालित स्लॉटर हाउस को 20 वर्षों की अनुमति दिए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्षद दल और नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता आसिफ जकी ने इस मामले में संभाग आयुक्त भोपाल को विधिक आपत्ति सौंपते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शबिस्ता जकी ने महापौर मालती राय को बर्खास्त करने की मांग की। पार्षदों का आरोप है कि गौकाशी मामले में जिम्मेदारी भी तय हो। नेता प्रतिपक्ष जकी ने कहा कि जो लोग न तो सही से ड्यूटी करते हैं, न ही पूरे मामले के असली जिम्मेदार हैं, उन्हें जानबूझकर इस प्रकरण में घसीटा गया। कुछ कर्मचारियों को बखार्स्त कर दिया गया। वहीं, कुछ को नोटिस थमा दिए गए।
परिषद की स्वीकृति नहीं ली गई
कांग्रेस पार्षद दल का आरोप है कि स्लॉटर हाउस को दी गई दीर्घकालिक अनुमति मेयर इन काउंसिल (MIC) के माध्यम से दी गई, जबकि नगर निगम अधिनियम के तहत ऐसे नीतिगत और दीर्घकालिक निर्णयों के लिए परिषद से अनुमोदन लेना अनिवार्य होता है। इस प्रकरण में परिषद की स्वीकृति नहीं ली गई, जो प्रक्रिया और कानून दोनों के खिलाफ है।
MIC पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप
शबिस्ता जकी ने कहा कि MIC अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर असंवैधानिक कार्य कर रही है। यह न केवल नगर निगम अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी कमजोर करता है। इसे Power Abuse और Selective Action का स्पष्ट उदाहरण बताया गया है।
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कर्मचारियों पर कार्रवाई, MIC को संरक्षण?
आपत्ति पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सामूहिक निर्णय होने के बावजूद कार्रवाई केवल दैनिक वेतनभोगी और नियमित कर्मचारियों पर की जा रही है, जबकि निर्णय लेने वाली MIC को संरक्षण दिया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया है। कांग्रेस पार्षद दल ने साफ किया है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं हुई तो इसे न्यायिक समीक्षा तक ले जाया जाएगा। यह विवाद आने वाले दिनों में नगर निगम और शहर की राजनीति में और तेज होने के संकेत दे रहा है।
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कांग्रेस की प्रमुख मांगें
– स्लॉटर हाउस को 20 वर्ष की अनुमति दिए जाने की वैधानिक जांच
– निर्णय में शामिल MIC सदस्यों की भूमिका तय कर कार्रवाई
– कर्मचारियों पर की गई एकतरफा कार्रवाई तत्काल स्थगित की जाए
– नियम विरुद्ध पाए जाने पर जिम्मेदार MIC सदस्यों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई
