राजधानी भोपाल के शासकीय गुलाब उद्यान में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी इस बार रंगों और खुशबू के साथ-साथ विदेशी तकनीक से विकसित पौधों के कारण खास चर्चा में है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष-2026 के अवसर पर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में प्रदेशभर से पहुंचे किसान दुर्लभ फूलों और पौधों की किस्में लेकर आए हैं। यहां चीनी और जापानी तकनीक से विकसित मिनिएचर पौधे लोगों का खास ध्यान खींच रहे हैं, जिनकी कीमत 10 हजार से लेकर 4 लाख रुपये तक बताई जा रही है।

300 साल तक जीवित रहने वाले पौधे

पौधे लगाने वाले जगजीत सिंह बिसरा ने बताया कि वे पिछले 45 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनके पास करीब 50 साल पुराना कलेक्शन है। उन्होंने बताया कि ये पौधे कम जगह में बेहतर ऑक्सीजन देने वाले हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं। खास बात यह है कि इनमें से कुछ पौधे 300 साल तक जीवित रह सकते हैं, इसलिए शहरों और मल्टी-स्टोरी इमारतों में रहने वालों के लिए बेहद उपयोगी हैं।

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किसानों को सम्मान, योजनाओं की जानकारी

मध्य प्रदेश रोज समिति के अध्यक्ष एसएस. गडरे ने बताया कि इस प्रदर्शनी में प्रदेशभर के फूल-पौधे उत्पादक किसानों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को सम्मानित किया जा रहा है और साथ ही सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे उन्नत किस्म के पुष्प और पौधों का उत्पादन कर सकें।

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मध्यप्रदेश ने पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और देशभर में एमपी इस क्षेत्र में दूसरे नंबर पर आया है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रदेश में विभिन्न प्रजाति के छियासी हज़ार टन फूलों का उत्पादन हुआ है। जयपुर, दिल्ली, मुंबई, गुजरात सहित पेरिस और लंदन में भी एमपी के फूलों का निर्यात किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार फूलों की खेती के लिए किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और अनुदान के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान कर रही है और व्यावसायिक खेती के माध्यम से किसानों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि अब राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी तीन दिन तक आयोजित की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक लोग प्रकृति, खेती और पुष्प उद्योग से जुड़ सकें। उन्होंने किसानों को हितलाभ का वितरण किया और उत्कृष्ट पुष्प उत्पादन के लिए कृषकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश में सिर्फ गुलाब के पुष्पों की प्रदर्शनी आयोजित होती रही है लेकिन अब पहली बार सभी प्रकार के फूलों को शामिल करते हुए व्यापक पुष्प प्रदर्शनी की शुरुआत की गई है।

MP का गुलाब जल्द विदेशों तक पहुंचेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 40 हजार किसान पुष्प व्यवसाय से जुड़े हैं और लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती हो रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश से फूल गुजरात, महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में भेजे जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में पुष्प उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।

 



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