रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में ईद-उल-फितर पूरे जोश और अकीदत के साथ मनाई जा रही है। चांद नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी के ऐलान के मुताबिक आज ईद मनाई जा रही है। सुबह से ही ईदगाह और मस्जिदों में नमाज के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
नमाज के दौरान उमड़ी भारी भीड़, सड़कों तक पहुंचे लोग
भोपाल के ईदगाह में सुबह 7:30 बजे पहली नमाज अदा हुई, जिसके बाद जामा मस्जिद में 7:45 बजे, ताज-उल मसाजिद में 8 बजे और मोती मस्जिद में 8:15 बजे नमाज हुई। भीड़ इतनी ज्यादा रही कि कई जगह मस्जिदों के अंदर जगह कम पड़ गई और लोगों को सड़कों पर नमाज अदा करनी पड़ी।
हर तरफ पुलिस तैनात, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ईद के मौके पर शहर के प्रमुख इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा। ईदगाह और बड़ी मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
नमाज से पहले फित्रा देने की अपील
मसाजिद कमेटी ने नमाज से पहले फित्रा अदा करने की अपील की। गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति करीब 70 रुपए फित्रा तय किया गया, जबकि चांदी के भाव के अनुसार यह राशि अधिकतम 1650 रुपए तक हो सकती है। अशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो जमात में नमाज अदा की गई। पहली नमाज 7:45 बजे और दूसरी 8:30 बजे हुई। यहां बड़ी संख्या में दूर-दराज से लोग पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में रौनक बनी रही।
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अलविदा जुमा का भी खास महत्व
रमजान का आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुमा इस्लाम में खास अहमियत रखता है। यह रमजान की विदाई का संकेत होता है और लोगों को पूरे महीने की इबादत, संयम और नेक कामों को आगे भी जारी रखने का संदेश देता है। इस दिन कई लोग जकात और सदका अदा करते हैं।
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ट्रैफिक डायवर्जन, कई रास्तों पर रोक
भीड़ को देखते हुए भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 6 बजे से 11 बजे तक कई मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लागू किए। लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई। ईद से पहले पुराने भोपाल के बाजार पूरी तरह सज गए। कपड़े, मिठाई और सेवइयों की दुकानों पर देर रात तक भीड़ रही, जिससे त्योहार का उत्साह चरम पर रहा।
