तुलसी नगर स्थित नगर निगम के नए मुख्यालय भवन के औपचारिक उद्घाटन से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार शाम यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति की छज्जे से गिरने के गंभीर घायल हो गए। घटना के बाद भवन की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और अधूरे काम को लेकर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार कोकता निवासी श्याम प्रसाद सक्सेना गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे नगर निगम की एचएफए (हाउसिंग फॉर ऑल) शाखा में किसी काम से पूछताछ करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वे भवन की दूसरी मंजिल पर सामने की ओर बने छज्जे पर पहुंचे, जहां बने एक खुले छेद से उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे नीचे गिर गए। गिरने की तेज आवाज सुनकर वहां मौजूद निगमकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल इलाज के लिए 1250 जेपी अस्पताल पहुंचाया गया।

उद्घाटन से पहले ही शुरू हो गई शिफ्टिंग

लिंक रोड नंबर-2, तुलसी नगर में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बने नगर निगम के नए मुख्यालय का अभी औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन ने कई शाखाओं को यहां शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। भवन के कई हिस्सों में अभी भी फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसके बावजूद कर्मचारियों और आम नागरिकों की आवाजाही शुरू हो गई है। यहां जल कार्य, हाउसिंग फॉर ऑल, जनसंपर्क, विद्युत और कंप्यूटर शाखा सहित कई विभाग काम करना शुरू कर चुके हैं।

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छज्जों और गैलरी में नहीं हैं सुरक्षा इंतजाम

बताया जा रहा है कि भवन के कई हिस्सों में छज्जों और गैलरियों के पास सुरक्षा जाल या मजबूत रेलिंग नहीं लगाई गई है। इसी कारण हादसे का खतरा बना हुआ है। जिस स्थान से बुजुर्ग गिरे, वहां भी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव बताया जा रहा है।

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पहले भी उठ चुके हैं निर्माण पर सवाल

करीब आठ मंजिला यह नया नगर निगम मुख्यालय लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में बनाया गया है। लेकिन निर्माण के दौरान कई इंजीनियरिंग खामियां पहले भी सामने आ चुकी हैं। भवन में सीढ़ियों के पास तीन हिस्से पूरी तरह खुले छोड़े गए हैं, जिन्हें न तो दीवार से ढंका गया है और न ही वहां सुरक्षा जाली लगाई गई है।इतना ही नहीं, नगर निगम जैसे बड़े मुख्यालय में परिषद बैठक के लिए सभाकक्ष तक नहीं बनाए जाने की बात भी सामने आई है।

 



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