राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा स्थित लेबर कॉलोनी में पीडब्ल्यूडी की कार्रवाई को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। बीते शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा बिना किसी लिखित नोटिस के वर्षों से रह रहे परिवारों को घर खाली करने के मौखिक आदेश दिए जाने के बाद रहवासियों में दहशत फैल गई। इसके विरोध में बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई।

40 साल से बसे परिवारों पर संकट

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे करीब 1982 से इस लेबर कॉलोनी में रह रहे हैं। उन्होंने अपने घरों में वर्षों की कमाई लगाई है और अब अचानक उन्हें हटाने की बात कही जा रही है। रहवासियों का आरोप है कि न तो उन्हें कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी गई।

बुलडोजर की आहट से बढ़ी चिंता

रहवासियों ने बताया कि हाल ही में प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ क्षेत्र में पहुंचा था, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया। लोगों को आशंका है कि कभी भी अचानक कार्रवाई कर उनके घर तोड़े जा सकते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उनके पास रहने से जुड़े दस्तावेज हैं और वे नियमित रूप से बिजली बिल व अन्य करों का भुगतान करते रहे हैं। ऐसे में बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए हटाने की कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है।

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जनसुनवाई में प्रमुख मांगे

– बिना नोटिस किसी भी प्रकार की कार्रवाई रोकी जाए

– यदि विकास कार्य आवश्यक है तो वैकल्पिक मार्ग या योजना बनाई जाए

– पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

जनप्रतिनिधि भी आए साथ

इस दौरान स्थानीय लोगों के समर्थन में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और पार्षद जितेंद्र राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील की।

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आंदोलन की चेतावनी

रहवासियों ने साफ कहा कि यह सिर्फ मकानों का मामला नहीं, बल्कि उनके परिवार, रोज़गार और बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। यदि प्रशासन ने जल्द राहत नहीं दी, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

 



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