ग्वालियर के मोनू बाथम हत्याकांड में पुलिस लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त हुआ। एसएसपी धर्मवीर यादव को कारण बताओ नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा गया …और पढ़ें

HighLights
- बदमाशों की धमकियों की पहले दी गई शिकायत
- 25 सितंबर 2025 को गोली मारकर हत्या कर दी
- शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के युवक मोनू बाथम की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने एसएसपी धर्मवीर यादव को कारण बताओ नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता हीरालाल बाथम ने अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि उनकी कॉलोनी में रहने वाले राहुल, पंकज, रोशन और भूरा बाथम आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। पहले भी मारपीट व अवैध वसूली कर चुके हैं। ये लोग उनके बेटे मोनू को लगातार धमका रहे थे। अवैध हथियारों के साथ फोटो सोशल मीडिया पर डालकर दहशत फैला रहे थे।
गोली मारकर कर दी हत्या
याचिका के अनुसार, 15 अगस्त 2025 को भाजपा नेता हिमांशु शर्मा ने इन बदमाशों के खिलाफ एसपी ग्वालियर को शिकायत देकर संभावित वारदात की चेतावनी दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसका नतीजा यह हुआ कि 25 सितंबर 2025 को आरोपियों ने मोनू बाथम की गोली मारकर हत्या कर दी।
हाईकोर्ट ने एसएसपी से किया जवाब तलब
हाईकोर्ट में तर्क दिया गया कि पुलिस को पहले से सूचना होने के बावजूद कार्रवाई न करना गंभीर लापरवाही है। याचिका में एसएसपी के खिलाफ विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई और परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी से जवाब तलब किया है।
