मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश में आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मंत्रालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों के लिए आसान और सुरक्षित यात्रा का बड़ा माध्यम बनेगी। बताया जा रहा है कि जुलाई 2026 से परिहन सेवा की शुरुआत इंदौर रीजन से हो सकती है। बैठक में परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के दो चरणों में चलाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश में 7 क्षेत्र क्रमश: इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) एवं रीवा (शहडोल सहित) स्थापित किए गए हैं। पहले चरण में चलाई जाने वाली बसों के लिए क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग मंजूरी की विभागीय अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अन्य क्षेत्रों के विस्तारित मार्गों की अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो वर्ष में किया जाएगा। इन सभी बसों की सुचारू मॉनिटरिंग के लिए एक दक्ष एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- MP: क्या पद से हटेंगी ट्विशा की सास गिरिबाला? विभाग हुआ सख्त; विवेक तन्खा ने कहा- मामला सीबीआई को देना उपयुक्त
इंदौर के 121 मार्गों में चलेंगी 608 बसें
उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के कुल 121 मार्गों में कुल 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों में 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों में 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों में 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों में 298 बसें तथा रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों में 184 बसें चलाई जाएंगी। योजना के तहत चलाई जाने वाली सभी बसों का रंग एक जैसा होगा, ताकि एकरूपता बनी रहे।
ये भी पढ़ें- Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह पर शिकंजा? सास की जमानत रद्द कराने परिजनों ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा; जानें
मध्य प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन होगा
मुख्यमंत्री यादव ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की मैपिंग की जाए और एंबुलेंस सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर जरूरतमंदों तक 30 मिनट से कम समय में सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने राह-वीर योजना के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि पीएम-राहत और राह-वीर योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रदेश में अलग से मध्य प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन भी किया जाएगा।
ये भी पढ़ें- MP News: स्कूलों में अब AI की पढ़ाई, विक्रमादित्य की जीवनी पाठ्यक्रम में आएगी, हर स्कूल में बनेगी चारदीवारी
प्रदेश में 51 प्रकार की फेसलेस सेवाएं
परिवहन विभाग ने बताया कि प्रदेश में 51 प्रकार की फेसलेस सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे लोगों को बिना कार्यालय जाए ऑनलाइन सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी अब डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने परिवहन चौकियों और टोल नाकों को आधुनिक बनाने तथा उन्हें एकीकृत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभाग की राजस्व उपलब्धियों की भी सराहना की गई।