ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से देश में पैदा हुए एलपीजी संकट के बाद केंद्र सरकार ने पीएनजी कनेक्शन पर अधिक जोर दिया है और कहा है कि अब पीएनजी कनेक्शन के …और पढ़ें

HighLights
- यादव कॉलोनी के 80 निवासियों ने 2022 में ही जमा किया था पीएनजी शुल्क
- तीन महीने का नियम, लेकिन चार साल बाद भी उपभोक्ता कनेक्शन को तरसे
- थीम रोड पर डक्ट होने के बावजूद अवंतिका गैस कंपनी नहीं दे रही कनेक्शन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से देश में पैदा हुए एलपीजी संकट के बाद केंद्र सरकार ने पीएनजी कनेक्शन पर अधिक जोर दिया है और कहा है कि अब पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने वालों को तुरंत कनेक्शन दिए जाएंगे। साथ ही जहां से पीएनजी की लाइन निकली है वहां रहने वाले लोगों को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर तीन महीने में पीएनजी कनेक्शन लेना होगा।
लेकिन शहर में एक कॉलोनी में मामला ही उल्टा है। यहां के लोगों ने चार साल पहले यानी 2022 में ही कनेक्शन के लिए फार्म भरा था और पांच-पांच सौ रुपये शुल्क के लिए भी जमा किए थे। लेकिन आज तक इस कॉलोनी के लोगों को पीएनजी कनेक्शन नहीं मिला है।
80 से अधिक उपभोक्ताओं ने जमा किया था शुल्क
यादव कॉलोनी की गली एक, दो व तीन के करीब 80 लोगों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन जमा किए थे। साथ ही तब पांच सौ रुपये का शुल्क भी जमा किया था। खास बात यह थी कि शहर में पीएनजी कनेक्शन देने वाली कंपनी अवंतिका गैस ने इस कॉलोनी में अपने कारिंदों को भेजकर पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया था और शुल्क लेकर आवेदन जमा कराए थे। पीएनजी कनेक्शन में नियम है कि कोई भी व्यक्ति यदि आवेदन करता है तो कंपनी तीन महीने में उसे कनेक्शन देती है। कंपनी इतना समय इसलिए लेती है क्योंकि उपभोक्ता के घर तक पाइपलाइन आदि डालने के लिए सड़कों व गलियों में खुदाई करनी पड़ती है। इसके लिए नगर निगम से अनुमति लेना होती है।
थीम रोड डक्ट का नहीं हुआ उपयोग
लेकिन यादव कॉलोनी का मामला ही अलग है। यहां पर कंपनी को निगम से अनुमति ही नहीं लेना है। इसकी वजह यह है कि यादव कॉलोनी में पाइपलाइन थीम रोड से होकर जाना है। थीम रोड पर टेलीफोन केबल, गैस की पाइपलाइन आदि के लिए डक्ट बनाई गई है। इसमें से ही पाइप को कॉलोनी तक ले जाना है। लेकिन कंपनी यहां चार साल बाद भी कनेक्शन नहीं दे पा रही है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि कनेक्शन को लेकर वे कंपनी के स्थानीय अफसरों से लेकर इंदौर में कंपनी के मुख्यालय तक में कई बार बात व शिकायत कर चुके हैं। लेकिन उन्हें न तो कनेक्शन ही दिए गए हैं और न ही उनसे जमा कराया गया शुल्क ही लौटाया गया है।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
डॉ. रामेश्वर गुप्ता, निवासी यादव कॉलोनी: “पीएनजी कनेक्शन के लिए 2022 में कंपनी के कर्मचारियों ने कॉलोनी में आकर आवेदन लिए थे और पांच-पांच सौ रुपये शुल्क भी जमा कराया था। लेकिन चार साल बाद भी कनेक्शन नहीं दिया है। इसके लिए कंपनी के अफसरों से लेकर खाद्य नियंत्रक तक शिकायत कई बार कर चुके हैं। लेकिन कनेक्शन अभी तक नहीं मिला है।”
शिव आहुजा, निवासी यादव कॉलोनी: “पीएनजी कनेक्शन का आवेदन दिए लंबा अरसा हो चुका है। कंपनी के इंजीनियरों से लेकर इंदौर में मुख्यालय तक कई बार बात कर चुके हैं और शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कंपनी न तो कनेक्शन दे रही है और न ही उनके द्वारा जमा कराए गए शुल्क को वापस कर रही है। कंपनी के अफसर हर समय कोई न कोई बहाना बना देते हैं।”
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