थाटीपुर स्थित करीब 125 वर्ष पुराने द्वारिकाधीश मंदिर परिसर में निर्माणाधीन द्वारिकाधीश लोक का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। निर्माण कार्य में पहले राज …और पढ़ें

HighLights
- लाल पत्थर की जगह ग्वालियर स्टोन से होगा निर्माण।
- 101 करोड़ की लागत से बन रहा द्वारिकाधीश लोक।
- राजस्थान के कारीगर कर रहे नक्काशी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। थाटीपुर स्थित करीब 125 वर्ष पुराने द्वारिकाधीश मंदिर परिसर में निर्माणाधीन द्वारिकाधीश लोक का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। निर्माण कार्य में पहले राजस्थान के बंशीपुर पहाड़ के लाल पत्थर का उपयोग किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब एकरूपता बनाए रखने के लिए ग्वालियर स्टोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मंदिर समिति के अनुसार, भगवान द्वारिकाधीश के गर्भगृह का निर्माण पहले से ही सफेद ग्वालियर पत्थर से किया गया है। ऐसे में लोक निर्माण में लाल पत्थर का उपयोग करने से गर्भगृह और अन्य संरचनाओं के स्वरूप में असमानता दिखाई देती। इसी कारण समिति ने गर्भगृह से छेड़छाड़ किए बिना पूरे परिसर में ग्वालियर स्टोन उपयोग करने का निर्णय लिया है।
समिति के सचिव जगदीश मित्तल ने बताया कि भूमि पूजन के बाद पहले चरण का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। मंदिर परिसर के लगभग एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में द्वारिकाधीश लोक विकसित किया जा रहा है। यहां सत्संग हॉल, भागवत हॉल, 10 कमरे, कार्यालय और नवग्रह मंदिर के विस्तार का निर्माण किया जा रहा है।
निर्माण कार्य के लिए पत्थरों की नक्काशी और कटिंग का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए विशेष रूप से राजस्थान से कारीगर बुलाए गए हैं, जो पारंपरिक तरीके से हाथ से पत्थरों पर नक्काशी कर रहे हैं।
द्वारिकाधीश लोक परियोजना पर लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसमें भक्तों द्वारा दी गई सार्वजनिक और गुप्त दान राशि का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर का डिजाइन अहमदाबाद की एक आर्किटेक्ट फर्म द्वारा तैयार किया गया है। फिलहाल पहले चरण में ढांचे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और हाल ही में छत की ढलाई का कार्य भी संपन्न किया गया है।
