ग्वालियर के कंपू क्षेत्र में दो माह पहले एसिड अटैक की शिकार हुई महिला की रविवार को दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को बचाने के लिए स्थानीय ड …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 05 Jan 2026 08:44:47 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Jan 2026 08:44:47 PM (IST)

दो माह तक जिंदगी से जूझती रही ग्वालियर एसिड अटैक पीड़िता, इलाज के दौरान तोड़ा दम, जेठ ने फेंका था तेजाब
ग्वालियर एसिड अटैक पीड़िता की दिल्ली में मौत। प्रतीकात्मक फोटो

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: कंपू क्षेत्र में दो माह पहले एसिड अटैक की शिकार हुई महिला की रविवार को इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हो गई। महिला की हालत लगातार बिगड़ रही थी और शरीर में संक्रमण फैल चुका था। डॉक्टरों और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा किए गए तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

पहले हत्या के प्रयास का दर्ज था मामला

इस मामले में अब आरोपित जेठ मुसीर खान के खिलाफ दर्ज एफआइआर में हत्या की धारा जोड़ी जाएगी। पुलिस के अनुसार आरोपित पहले से जेल में बंद है और उस पर पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि कंपू क्षेत्र में रहने वाली महिला के पति का बीमारी के चलते पहले ही निधन हो चुका था। इसके बाद से ही उसका जेठ मुसीर खान उस पर गलत नीयत रखने लगा था। वह महिला पर शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन महिला इसके लिए तैयार नहीं थी।

सात नवंबर को मुसीर खान तेजाब खरीदकर लाया और घर के अंदर महिला पर हमला कर दिया। घटना के बाद महिला को गंभीर हालत में जया आरोग्य अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया था। बाद में जब एसिड अटैक पीड़ितों के लिए कार्य करने वाली आगरा की समाजसेवी संस्था छांव फाउंडेशन को मामले की जानकारी मिली, तो महिला को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली स्थित एम्स में शिफ्ट कराया गया।

छांव फाउंडेशन ने सिस्टम की धीमी प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए

संस्था के अनुसार, जब तक महिला को दिल्ली ले जाया गया, तब तक उसकी स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। इसके बावजूद इलाज और देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। रविवार को महिला की मौत की सूचना कंपू थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

छांव फाउंडेशन के सदस्यों ने महिला को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में इस तरह के मामलों में त्वरित चिकित्सा और उपचार के बाद की निगरानी की व्यवस्था कमजोर है। संस्था का कहना है कि समय पर समुचित उपचार और विशेष देखभाल मिलती तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी।

जिस महिला पर तेजाब फेंका गया था। उसकी मौत हो गई है। अब इस मामले में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।

-अमर सिंह सिकरवार, थाना प्रभारी, कंपू



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