इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। बड़ी संख्या में अन्य लोग भी उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायत के साथ इलाज करा रहे हैं।
भागीरथपुरा में 15वीं मौत की पुष्टि
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह भागीरथपुरा क्षेत्र में रहने वाली 68 वर्षीय गीताबाई ध्रुवकर की मौत हो गई। उन्हें 24 दिसंबर को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पति राजू के अनुसार, गीताबाई को दो दिनों से लगातार उल्टी और दस्त हो रहे थे और घर पर ही लगभग 50 बार उल्टी हो चुकी थी।
इलाज के दौरान नहीं सुधरी हालत
एमवाय अस्पताल में भर्ती करने के बाद भी गीताबाई की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उन्हें अरबिंदो अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी हालत गंभीर बनी रही। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
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बीते दिनों में कैसे बढ़ा मामला
25 दिसंबर से दूषित पानी से बीमार मरीजों के अस्पताल पहुंचने का क्रम शुरू हुआ। प्रारंभ में दो अस्पतालों में 18 मरीज भर्ती किए गए। 28 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मरीजों से मिलने पहुंचे। 29 दिसंबर को डायरिया से एक मौत की पुष्टि हुई और शाम तक यह आंकड़ा चार हो गया।
चार दिन में सामने आई गंभीर तस्वीर
30 दिसंबर को यह जानकारी सामने आई कि बीते चार दिनों से बस्ती में लगातार मौतें हो रही थीं और मृतकों की संख्या 14 तक पहुंच चुकी थी। वर्तमान में अस्पतालों में 200 से अधिक मरीज भर्ती हैं, जिनमें से लगभग 30 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
