नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने 2013 में दतिया जिले में विदेशी महिला पर्यटक से हुए सामूहिक दुष्कर्म और लूटकांड के मामले में फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की युगलपीठ ने सभी दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखते हुए उनकी अपीलें खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह जघन्य अपराध है, इसमें रियायत नहीं दी जा सकती।
मेडिकल रिपोर्ट, डीएनए साक्ष्य, बरामदगी और गवाहों के बयानों से अपराध सिद्ध होता है। इसलिए आरोपितों को शेष सजा भुगतनी होगी। बता दें कि आरोपित 17 मार्च 2013 से जेल में हैं।
जर्मनी के पर्यटक अपनी पत्नी के साथ साइकिल से भारत भ्रमण पर थे। 15 मार्च 2013 को एडवेंचर के लिए दतिया जिले के झरिया जंगल में रात करीब आठ बजे टेंट लगाया और आराम करने लगे।
तभी आरोपित वहां पहुंचे और उनसे रुपये मांगे, मारपीट की और महिला पर्यटक के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। लैपटाप, मोबाइल, बैटरी, इयरफोन और नकदी भी लूट ली।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने रामप्रोक, बृजेश उर्फ गज्जा, नितिन, विष्णु, भूता उर्फ घनश्याम और ऋषि उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर लूट का सामान बरामद किया।
लैपटाॅप और मोबाइल पर उनके फिंगरप्रिंट भी मिले थे। डीएनए जांच में भी आरोप पुष्ट हुए। विशेष न्यायालय (डकैती) दतिया ने सभी आरोपितों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
