प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने उपलब्धियों का ब्यौरा रखते हुए बताया कि सरकार ने ग्रामीण विकास को सिर्फ योजनाओं तक सीमित न रखकर तकनीक, स्वच्छता, रोजगार और आधारभूत संरचना को जोड़ते हुए एक नया मॉडल खड़ा किया है। इस मॉडल का सबसे अनूठा उदाहरण है स्वच्छता साथी-वॉश ऑन व्हील्स सेवा, जो ओडीएफ की निरंतरता बनाए रखने के लिए शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि इस नवाचार के तहत मोबाइल एप से ऑनलाइन बुकिंग कर घरेलू और संस्थागत शौचालयों की आधुनिक मशीनों से सफाई की जा रही है। प्रशिक्षित स्वच्छता साथी दोपहिया वाहनों से त्वरित सेवा दे रहे हैं। यह योजना न सिर्फ स्वच्छता को मजबूत कर रही है, बल्कि पूर्णतः व्यावसायिक मॉडल के तहत सम्मानजनक रोजगार भी उपलब्ध करा रही है। अब तक 37,499 ग्राम मैप किए जा चुके हैं, 1,577 क्लस्टर बन चुके हैं और 1,484 स्वच्छता साथी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं।

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नर्मदा परिक्रमा पथ पर बनेंगे आश्रय स्थल 

आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना में सरकार का फोकस आस्था, सुविधा और कनेक्टिविटी पर है। नर्मदा परिक्रमा पथ पर हर 20–25 किलोमीटर की दूरी पर श्रद्धालुओं के लिए सर्वसुविधायुक्त आश्रय स्थल और यात्री प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। सभी पंचायत भवनों में अटल ई-सेवा केंद्रों का संचालन, पंचायत सचिवों और अन्य रिक्त पदों पर भर्ती, तथा ग्रामीण श्मशान घाटों का सुव्यवस्थित विकास भी प्राथमिकता में है।

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प्रशासनिक स्वीकृतियां ऑनलाइन जारी की जा रहीं

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में पंचायत दर्पण पोर्टल को वित्तीय प्रबंधन, जीएसटी पोर्टल से इंटीग्रेशन और अनिवार्य टीडीएस कटौती से जोड़ा गया है। तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृतियां अब ऑनलाइन जारी की जा रही हैं और एचआरएमएस पोर्टल से मानव संसाधन प्रबंधन को मजबूत किया गया है।

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एक हजार करोड़ के कार्य प्रस्तावित 

ग्रामीण संपर्क के लिए मनरेगा अंतर्गत मुख्यमंत्री सुगम संपर्क परियोजना शुरू की गई है, जिसके तहत लगभग 1000 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। साथ ही 3300 ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति, एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत 30 हजार से अधिक कार्यों को कार्बन क्रेडिट से जोड़ना और उन्नत किचनशेड निर्माण जैसे कदम सरकार के बहुआयामी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।



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