Jiwaji University: शिक्षा के मंदिर जीवाजी विश्वविद्यालय के हॉस्टल अब असुरक्षित होते जा रहे हैं। ताजा मामला आर्यभट्ट हॉस्टल का है, जहां शराब के नशे में …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 06 Feb 2026 03:07:22 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Feb 2026 03:07:22 PM (IST)

जीवाजी विवि में नशे में धुत जूनियरों ने सीनियर को पीटा, छात्र का कंधा डैमेज, पुलिस की चुप्पी के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
जीवाजी विवि में नशे में धुत जूनियरों ने सीनियर को पीटा।

HighLights

  1. जीवाजी विश्वविद्यालय में फिर रैगिंग का जिन्न
  2. लॉ सीनियर पीड़ित छात्र ने लगाया इस्तेगासा
  3. यूजीसी और कुलगुरु से की कार्रवाई की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शिक्षा के मंदिर जीवाजी विश्वविद्यालय के हॉस्टल अब असुरक्षित होते जा रहे हैं। ताजा मामला आर्यभट्ट हॉस्टल का है, जहां शराब के नशे में चूर फार्मेसी के 8 छात्रों ने बीकॉम एलएलबी 10वें सेमेस्टर के छात्र सुधांशु अस्थाना पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट में सुधांशु का दाहिना कंधा बुरी तरह डैमेज हो गया है।

टहलते समय हुआ विवाद, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

घटना 2 फरवरी की शाम की है। पीड़ित सुधांशु अस्थाना हॉस्टल के बाहर टहल रहा था। इसी दौरान हॉस्टल के कमरे में पार्टी कर रहे फार्मेसी थर्ड और फोर्थ ईयर के छात्र हिमांशु शुक्ला, अनंत प्रताप सिंह, आनंद चतुर्वेदी और उनके बाहरी साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। सुधांशु ने जब इसका विरोध किया, तो नशे में धुत छात्र नीचे उतर आए और उसे लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। यह पूरी घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।

प्रबंधन की चुप्पी के खिलाफ कोर्ट पहुंचा पीड़ित

पीड़ित छात्र का आरोप है कि घटना के बाद उसने यूजीसी (UGC), पुलिस और विश्वविद्यालय प्रबंधन से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर छात्र ने अब कोर्ट में ‘इस्तेगासा’ (निजी परिवाद) दायर किया है। सुधांशु का दावा है कि ये छात्र जूनियर होने के बावजूद लगातार उसकी रैगिंग करते हैं और हॉस्टल में कमेंट बाजी व अभद्रता करना उनके लिए आम बात है।

‘अड्डे’ में तब्दील हो रहे हैं हॉस्टल

सुधांशु ने अपनी शिकायत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि आरोपी छात्र हिमांशु, अनंत और आनंद हॉस्टल में ही रहते हैं, जबकि उनके बाहरी दोस्त सौरभ गुर्जर, निखिल कुशवाह, गौरव जाट और सौरभ तिवारी अक्सर हॉस्टल में आकर शराब पार्टियां करते हैं। पहले भी इन गतिविधियों की शिकायत की गई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

पूर्व में 8 छात्रों पर गिर चुकी है गाज

जीवाजी विश्वविद्यालय में रैगिंग का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी रैगिंग की शिकायतें सही पाए जाने पर 8 सीनियर छात्रों को परीक्षा से वंचित किया जा चुका है। इसके बावजूद हॉस्टल के भीतर का माहौल नहीं सुधर रहा है।

विश्वविद्यालय का पक्ष: जांच कमेटी का गठन

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विमलेन्द्र सिंह राठौर ने स्वीकार किया कि लॉ के छात्र के साथ मारपीट हुई है। उन्होंने कहा, “कुलगुरु के पास शिकायत पहुंची है। हमने फार्मेसी संस्थान से मारपीट में शामिल छात्रों का रिकॉर्ड मांगा है। एक जांच कमेटी बनाई जा रही है, जो यह तय करेगी कि यह मामला आपसी विवाद का है या रैगिंग का। तथ्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”



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